नोएडा। सेक्टर-27 में दस दिन पहले काम करने आई घरेलू सहायिका ने बुजुर्ग दंपती को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और घर से साढ़े तीन लाख रुपये, जेवर व अन्य सामान चुराकर भाग गई। सोमवार दोपहर को जब तीसरी घरेलू सहायिका कपड़े धोने आई, तब घटना की जानकारी मिली। मामले में कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-27 के डी ब्लॉक में 70 वर्षीय जनक सचदेवा पत्नी सुदेश के साथ रहते हैं। जनक कर अधिवक्ता हैं। उनके घर एक घरेलू सहायिका रोशनी पहले से रहती है। कुछ दिन पहले जनक ने कार साफ करने वाले कर्मचारी से एक और घरेलू सहायिका की जरूरत की बात कही थी। 10 दिन पहले उसने बिना सत्यापन कराए नेपाली युवती लक्ष्मी को उनके घर काम पर लगा दिया। रविवार को घर पर जनक, उनकी पत्नी और दोनों घरेलू सहायिका थीं।
इसी दौरान लक्ष्मी ने नशीला पदार्थ मिलाकर तीनों को चाय पिलाई। चाय पीने के बाद सभी बेहोश हो गए। इसके बाद लक्ष्मी घर से साढ़े तीन लाख रुपये, जेवर व अन्य सामान लेकर भाग गई। सोमवार दोपहर बाद कपड़े धोने वाली पहुंचीं तो देखा कि घर के सभी दरवाजे खुले थे और तीनों जमीन पर बेहोश पड़े थे। उसने तुरंत आसपास रहने वालों को बताया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया और नोएडा व दिल्ली में रहने वाले बेटों को सूचित किया। एडीसीपी रणविजय सिंह का कहना है कि मामले में घरेलू सहायिका के बारे में जानकारी प्राप्त की जा रही है। जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
तस्वीर है न कोई कागजात
एडीसीपी ने बताया कि बुजुर्ग दंपती के घर आरोपी सहायिका 10 दिन पहले काम करने के लिए आई थी। उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया। उसकी न कोई तस्वीर न ही कागजात हैं। उन्होंने बताया कि मामले में उस शख्स से लड़की के बारे में जानकारी ली जा रही है, जिसके माध्यम से वह काम पर आई थी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चालक, घरेलू सहायक आदि का पुलिस सत्यापन जरूर कराएं।