नगीना/नूंह। नूंह में एक दशक से चली आ रही जिला टीबी केंद्र बनाने की मांग को हरियाणा सरकार ने मंजूरी दी है। जल्दी ही एक करोड़ 67 लाख रुपये की धनराशि से जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा परिसर में अलग भवन का निर्माण होगा। हालांकि तीन साल पहले भवन के लिए 57 लाख 68 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। परंतु पीडब्ल्यूडी ने यह कहकर बजट नामंजूर कर दिया था कि इतनी रकम भवन का निर्माण संभव नहीं है। काफी जद्दोजहद के बाद लोक निर्माण भवन चंडीगढ़ ने पिछले सप्ताह फाइल को महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग हरियाणा भेजा था जिसे मंजूरी मिल गई। बता दें कि जिले में करीब 5000 से अधिक टीबी रोग के मरीज हैं जिनमें मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस के मरीज भी शामिल है। समाजसेवी नसीम सांठावाड़ी व ओम प्रकाश एडवोकेट ने बताया कि जिला क्षयरोग केंद्र बनने से मेवात में लगातार बढ़ रहे टीबी मरीजों को न केवल बेहतर इलाज मिलेगा बल्कि बीमारी पर रोकथाम लगाने में मदद मिलेगी। अभियानकर्ता मुस्तफा कमाल ने बताया कि करीब नौ साल तक चले संघर्ष को कामयाबी मिली है। जब अभियान छेड़ा गया था तो लोग मजाक उड़ाते थे और कहते थे तुम्हारी कोई नहीं सुनेगा। हरियाणा सरकार ने एक नहीं दो बार हमारी बात मानी है।
तीन साल पहले यमुनानगर और मेवात के लिए जिला क्षयरोग केंद्र मंजूर किए थे। मेवात के लिए 57 लाख 68 हजार रुपये का बजट आया। बजट को नक्शे के साथ पीडब्ल्यूडी नूंह के खाते में डाल दिया था। नये सिरे से भवन का नक्शा बनाया गया तो पता चला कि उक्त बजट में जिला टीबी केंद्र का निर्माण नहीं हो सकता। इसलिए बजट को दोगुना बढ़ाया गया है।
- डॉ. सुरेंद्र यादव, सिविल सर्जन नूंह
सीएमओ की तरफ से डीटीसी बनाने के लिए करीब 58 लाख रुपए का बजट मिला था। बारीकियों और भवन निर्माण की शर्तों को देखते हुए बजट को बढ़ाकर 1 करोड़ 67 लाख रुपए किया गया। जिसे सरकार से मंजूरी मिल गई है।
- जग भूषण, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी नूंह
कैप्शनऱ् जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा व सिविल सर्जन कार्यालय में नूंह