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सक्रिय मामलों में जिला अव्वल, जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे नमूने

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जिला अस्पताल में कोरोना की जांच करवाता व्यक्ति।
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नोएडा। प्रदेश के अन्य जिलों में कोरोना के मामले घट रहे हैं, जबकि गौतमबुद्ध नगर में सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को आठ मरीजों की पुष्टि के बाद टूटा चार महीने का रिकॉर्ड स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबब बन गया है। टीकाकरण में अव्वल होने के साथ ही जिला सक्रिय मामलों में भी नंबर एक है। ऐसा क्यों हो रहा है और वायरस का म्यूटेशन जानने के लिए नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे जाएंगे। कोरोना वायरस के म्यूटेशन का पता लगाने के लिए हर राज्य से कम से कम पांच फीसदी नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजना अनिवार्य है। त्योहारों के बाद से जिले में कोरोना के मामले बढ़े हैं। जबकि, अन्य जिलों में नए के साथ सक्रिय मामलों में कमी आई है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की रिपोर्ट में जो आठ मरीज पॉजिटिव आए हैं, उनके नमूने दिल्ली भेजे जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, वायरस खुद को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने के लिए अपनी संरचना में बदलाव लाते रहते हैं। वायरस रूप बदलकर खुद को ज्यादा मजबूत बनाते हैं। वायरस में बदलाव होने पर कई बार मौजूदा दवाएं या वैक्सीन काम नहीं करतीं। ऐसी स्थिति में म्यूटेशन का पता लगाने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग काम आती है। अक्तूबर, नवंबर में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई गई थी। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की बात कही जा रही थी। हालांकि, जिले में अभी हालात नियंत्रित हैं, लेकिन डराने वाली बात यह है कि पॉजिटिव मरीजों में बच्चे भी हैं। शुक्रवार को जारी बुलेटिन में आठ मरीजों में तीन बच्चे शामिल रहे।
29 सक्रिय केस हैं जिले में
शनिवार को जारी कोविड-19 रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में एक नया संक्रमित सामने आया है। जबकि स्वस्थ होने वालों की संख्या 29 दर्ज की गई। सक्रिय मरीजों के मामले में जिला सबसे आगे है। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 100 दर्ज की गई। वहीं, 16 सक्रिय मरीजों के साथ लखनऊ दूसरे स्थान पर है। जबकि, त्योहारों से पहले तक लखनऊ सबसे आगे चल रहा था।
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कैसे करें भरोसा, 70 फीसदी रिपोर्ट निजी लैब की
बृहस्पतिवार को एक 14 वर्षीय बच्ची की निजी लैब में जांच के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आई। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि यह पहला मामला नहीं है। पॉजिटिव मामलों में 70 फीसदी रिपोर्ट निजी लैब से आ रही हैं। कई मामलों में दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं। बीमारी ऐसी है कि किसी रिपोर्ट को अनदेखा नहीं किया जा सकता। शुक्रवार को सेक्टर-77 की एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी निवासी एक परिवार के छह मरीजों का मामला भी ऐसा ही निकला। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने सभी सदस्यों को पॉजिटिव मानने से इनकार किया है। सेक्टर-100 में पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आने पर कॉटैक्ट ट्रेसिंग के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसाइटी में पहुंची थी। वहीं, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग से ही मिली थी।
नोएडा में सबसे ज्यादा सक्रिय मामलों को लेकर मंथन जारी है। मरीजों की जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जाएगी। लोगों से अपील है कि कोरोना जैसे लक्षण मिलने पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पतालों से ही जांच कराएं।
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- डॉ. सुनील कुमार शर्मा, सीएमओ
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