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चिंता: ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ने लगा डेंगू का प्रकोप, अस्पतालों में बेड की किल्लत

Sun, 24 Oct 2021 01:23 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, ग्रेटर नोएडा

सार

लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रेनो के अस्पतालों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई अस्पतालों ने बेड बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दनकौर व दादरी के निजी अस्पतालों में भी बेड की किल्लत होने लगी है।
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अस्पताल में भर्ती मरीज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, मलेरिया और डेंगू के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को दो महिलाओं सहित तीन लोगों की डेंगू से मौत हो गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है। दनकौर में नवादा गांव निवासी शीला (45) व शांति (55) की ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि दोनों में डेंगू के लक्षण थे। प्लेटलेट्स तेजी से नीचे गिर रही थीं। एक सप्ताह पहले भी नवादा गांव में बुजुर्ग किसान व छात्रा की डेंगू से मौत हो गई थी।
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वहीं, रबूपुरा के सिरौली बांगर (पलाका) निवासी किसान बल्ला खां (55) की बुखार से मेरठ में इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच दिनों से उन्हें बुखार था। बेटे नजरान ने बताया कि पिता को ग्रेनो के एक निजी अस्पताल में ले गए थे। यहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इसके बाद बुलंदशहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यहां से भी उन्हें मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया। उनकी प्लेटलेट्स काफी कम हो गई थीं जिससे उनकी मौत हो गई। इससे पहले तिरथली गांव में भी दो लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है।

इधर, नवादा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया व प्राधिकरण के सहयोग से एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया था। ग्रामीणों ने बताया है कि गांव के लोग वायरल, टाइफाइड, मलेरिया व डेंगू से पीड़ित हैं। करीब दर्जन भर से अधिक लोगों का इलाज नोएडा, बुलंदशहर व दिल्ली के अस्पतालों में चल रहा है। कई लोग प्लेटलेट्स की कमी से आईसीयू में भी भर्ती हैं।
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फोटो खिंचवाकर चली गई दवा छिड़कने वाली टीम
जेवर के गांवों की स्थिति काफी खराब है। अस्पतालों में बेड भर चुके हैं। मरीजों को चारपाई पर लिटाकर इलाज दिया जा रहा है। शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्राधिकरण की टीम गांवों में दवाई का छिड़काव कराने पहुंची। दयानतपुर, थोरा गांव के लोगों का आरोप है कि कर्मचारियों ने कुछ देर रुककर फोटो खिंचवाई और चलते बने। जेवर के सरकारी अस्पतालों में अब तक डेंगू के 76 संदिग्ध मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से आठ की हालत गंभीर है, उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। 43 मरीजों की छुट्टी कर दी गई है।

स्वास्थ्य कैंप लगाने का दावा हवा
थोरा गांव में मरीजों के बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उपकेंद्र में कैंप लगाने का दावा किया है। हालांकि, जिस उपकेंद्र पर कैंप लगाने की बात कही गई, शनिवार को वहां ताला लटका मिला।
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दादरी के सामुदायिक केंद्र में मरीज 400 के पार
दादरी में वायरल समेत मलेरिया व डेंगू संभावित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले बुखार पीड़ितों की संख्या 400 के पार पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में भी मरीजों का दबाव दोगुना हो गया है।

ग्रेनो के अस्पतालों में बेड की किल्लत
लगातार मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रेनो के अस्पतालों में मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई अस्पतालों ने बेड बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा बिलासपुर, दनकौर व दादरी के निजी अस्पतालों में भी बेड की किल्लत होने लगी है। जिम्स में भी मेडिसिन विभाग के 80 बेड पर मरीज भर्ती हैं। शारदा अस्पताल में 100 बेड बढ़ाने की कवायद चल रही है।
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