ग्रेटर नोएडा/दादरी। कोतवाली दादरी क्षेत्र स्थित विदेशी कंपनी हायर पर शुक्रवार को तीसरे दिन भी स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जाते लोगों को पुलिस ने 100 मीटर पहले ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों में नोकझोंक हुई। इसके बाद किसान बेरोजगार सभा के तत्वाधान में प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरना देकर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, कंपनी की ओर से बुधवार को 250 व बृहस्पतिवार को 150 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
किसान बेरोजगार सभा के बैनर तले आसपास के गांवों के लोग शुक्रवार को गांव डाबरा स्थित शहीद सुरेश चौक पर एकत्र हुए। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। यहां से सभी नारेबाजी करते हुए हायर कंपनी की ओर जाने लगे। पुलिस ने कंपनी के गेट से पहले ही सभा के कार्यकर्ताओं को रोक दिया। सभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजयपाल भाटी ने कहा कि क्षेत्र के किसानों की जमीन अधिगृहीत कर पूंजीपतियों को दी गई है। कंपनी पर स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने का बोर्ड लगाया गया है। किसानों की जमीन पर लगे उद्योग में स्थानीय युवाओं के रोजगार देने की मांग की जा रही है, लेकिन कंपनी प्रबंधन मानने को तैयार नहीं है। जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, धरना-प्रदर्शन और गिरफ्तारी जारी रहेगी।
बुधवार को 11 लोगों को पुलिस ने जेल भेजा था। इन लोगों को अभी तक छोड़ा नहीं गया है। बृहस्पतिवार को भी 12 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। शुक्रवार को पुलिस ने पवन कुमार, बिज्जन हवलदार, बीरन, धनपाल, धर्मबीर, प्रमोद भाटी, राहुल, रामी भाटी, सुमित भाटी, धर्मेंद्र अधाना, सतेंद्र को गिरफ्तार किया है।
‘कर्मचारियों से की अभद्रता और कंपनी के वाहन रोके’
हायर के महाप्रबंधक रितेश कुमार ने बृहस्पतिवार को दर्ज कराई एफआईआर में आरोप लगाया है कि सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के करीब 150 लोगों ने कंपनी के गेट संख्या दो पर प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान कर्मचारियों से अभद्रता की गई और कंपनी के वाहनों का आवागमन रोका गया। कंपनी की एंबुलेंस को भी बाहर जाने नहीं दिया जिससे बीमार कर्मचारी को उपचार के लिए अस्पताल नहीं भेजा जा सका। कंपनी का उत्पादन भी बाधित हो रहा है। कर्मचारियों में भय का माहौल है। ऐसे कृत्य से न केवल प्रदेश, बल्कि देश का नाम बदनाम किया जा रहा है। असामाजिक तत्व कोई भी घटना कर सकते हैं। बुधवार को भी एक कर्मचारी की बीमार पत्नी को ले जाते समय एंबुलेंस रोकने का आरोप लगाते हुए 250 अज्ञात लोगों पर आईपीसी की धारा-188, 147, 504, 341 के अंतर्गत केस दर्ज कराया गया है। एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है। अज्ञात आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी ।