नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18,066 रुपये होगा
अर्धकुशल श्रमिकों का 19,929 और कुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन 21,917 रुपये होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने न्यूनतम वेतन को बढ़ाते हुए श्रमिकों को सौगात दी है। बुधवार को न्यूनतम वेतन बढ़ाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18,066, अर्धकुशल श्रमिकों का 19,929 व कुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 21,917 रुपये होगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में भाजपा शासित राज्यों की तुलना में न्यूनतम वेतन दोगुना है।
आतिशी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी। न्यूनतम वेतन पाने वाले लोग गरीब तबके से आते हैं व श्रमिक होते हैं। इनका शोषण रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने न्यूनतम वेतन को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचाने का काम किया है। भाजपा ने हमेशा गरीब विरोधी काम किया है। जब वर्ष 2016-17 में दिल्ली सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की बात की तो भाजपा ने उपराज्यपाल के माध्यम से इसे रोक दिया। इसके बाद दिल्ली सरकार कोर्ट से ऑर्डर लेकर आई और न्यूनतम वेतन बढ़ाना शुरू किया। भाजपा शासित राज्यों में न्यूनतम वेतन के आंकड़े साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 18000 से अधिक है तो राजस्थान में अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन मात्र 8063, मध्यप्रदेश में 10000, यूपी में 8300, हरियाणा में 10,000 व छत्तीसगढ़ में 10,900 रुपये है। ऐसे में अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली सरकार में न्यूनतम वेतन सबसे अधिक है।
एक अक्तूबर से न्यूनतम वेतन
अकुशल श्रमिक- 18,066 रुपये
अर्धकुशल श्रमिक- 19,929 रुपये
कुशल श्रमिक - 21,917 रुपये
नॉन-मैट्रिकुलेट- 19,929 रुपये
मैट्रिकुलेट (नॉन-ग्रेजुएट) - 21,917 रुपये
ग्रेजुएट- 23,836 रुपये