पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला
नोएडा। फेज-1 थाना पुलिस ने बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह के सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नौकरी व मॉन्स्टर डॉटकॉम का कर्मचारी बनकर बेरोजगारों को निशाना बनाते थे। आरोपियों के पास से छह मोबाइल, एक लैपटॉप और नौकरी की तलाश करने वाले बेरोजगारों के नाम-पते आदि की 14 सूचियां बरामद की गई हैं।
एसीपी-2 रजनीश वर्मा ने बताया कि आरोपी नौकरियों की वेबसाइट पर आवेदन करने वाले युवाओं का डाटा निकाल लेते थे। इसके बाद फोन पर संपर्क साधते थे। ज्यादा पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को विश्वास में लेकर नामचीन कंपनियों में पहले चरण को पास कराने के लिए दो से तीन लाख रुपये की मांगे जाते थे। इसके बाद जल्दी इंटरव्यू कराने और जिन शहरों में इंटरव्यू आदि होना है, वहां रुकने का इंतजाम कराने का हवाला देकर और पैसा वसूलते थे। एक पीड़ित से ही पांच से सात लाख रुपये कमा लेते थे। यह सारी रकम फर्जी खातों में डलवाई जाती थी। प्रारंभिक जांच में सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ठगने की बात सामने आ रही है।
राजस्थान के चित्तौड़ निवासी अंकित डोगरे की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए फेज-1 थाना पुलिस ने सेक्टर-16 के एक ऑफिस से बुलंदशहर निवासी गिरोह के सरगना संदीप शर्मा और सेक्टर-12 निवासी जावेद अख्तर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। आरोपी मोबाइल नंबर और कार्यालय बदलकर ठगी के इस धंधे को लंबे समय से चला रहे हैं। कुछ युवाओं को नौकरी पर रखकर उनके जरिये बेरोजगार युवाओं को फोन करवाते थे और समय-समय पर कर्मचारियों को भी बदल देते थे।
तलाश रहे हैं नौकरी तो बरतें सावधानी
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि इस तरह के गिरोह नौकरी उपलब्ध कराने वाली वेबसाइट से बेरोजगार युवाओं की प्रोफाइल निकाल लेते हैं। इसके बाद बल्क में मेल भेजे जाते हैं। ठग खुद को जॉब कंसलटेंट के तौर पर पेश करते हैं। फर्जी वेबसाइट व अस्थायी दफ्तर दिखाते हैं। लोगों से वॉलेट या बैंक ट्रांसफर के जरिये रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के लिए कहते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। जरा भी शक होने पर पुलिस को सूचित करें।