ग्रेटर नोएडा। सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के आगे ‘गुर्जर’ शब्द लिखने का विवाद अनावरण कार्यक्रम के बाद भी थमता दिखाई नहीं दिया। कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान गुर्जर लिखने को लेकर करणी सेना ने विरोध जताया था। वहीं, गुर्जर शब्द हटाने पर वीर गुर्जर महासभा ने पोस्टर-बैनर फाड़े थे। अब बुधवार को अनावरण से पहले प्रतिमा पर लिखे गुर्जर शब्द को स्याही से छिपाने और फिर से स्टीकर लगाकर लिखने का विवाद सामने आया है।
गुर्जर समाज के कुछ युवाओं ने स्थानीय नेताओं पर शब्द स्याही से छिपाने का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंच पर आकर नाराजगी जताई। जबकि करणी सेना के पदाधिकारियों ने भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सतेंद्र अवाना पर स्टीकर लगाकर गुर्जर शब्द लिखने पर विरोध जताया। स्टीकर लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। कार्यक्रम के बाद गुर्जर संगठन से जुड़े कुछ युवाओं ने दादरी विधायक तेजपाल नागर के घर के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी भी की। हालांकि, इस दौरान विधायक मौजूद नहीं थे। पुलिस ने युवाओं को समझाकर वापस भेजा।
दरअसल, शहर में लगे पोस्टर-बैनर पर सम्राट मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर न लिखा होने पर गुर्जर संगठन से जुड़े युवाओं ने बैनर फाड़कर और अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा ने भाजपा नेताओं का पुतला फूंककर नाराजगी जताई थी। इस मामले में दादरी कोतवाली पुलिस ने दो केस भी दर्ज किए थे। इनमें अखिल भारतीय वीर गुर्जर सभा के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह भाटी को भी नामजद किया गया था। वहीं, जारचा के प्यावली और दादरी के घोड़ी गांव में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सभा व नारेबाजी कर विरोध प्रकट किया था। पुलिस ने जारचा थाने में 200 व दादरी कोतवाली में 100 कार्यकर्ताओं पर केस भी दर्ज किया था।