बिसरख थाना क्षेत्र में दो अगस्त की रात को कैब चालक रूपेश तोमर से सात हजार रुपये लूटने के मामले में गौर सिटी-1 पुलिस चौकी पर तैनात रहा सिपाही अमित मलिक को भी जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया है। घटना वाली रात जब पीड़ित शिकायत लेकर चौकी पर पहुंचा था तो अमित ने थाना बिसरख जाने के लिए कह दिया था। जबकि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद कोई भी पीड़ित कहीं पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
मूल रूप से बागपत निवासी कैब चालक राकेश तोमर दो अगस्त की रात को वह एक महिला यात्री को गौर सिटी छोड़ने आया था। वहीं, पर प्रशिक्षु दरोगा अमित मिश्रा ने दो साथियों कानपुर के आशीष अवस्थी और बुलंदशहर के अभिनव के साथ मिलकर कैब चालक के साथ लूटपाट की थी। घटना के बाद पीड़ित रूपेश गौर सिटी-1 पुलिस चौकी अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो वहां पर मौजूद सिपाही अमित मलिक ने शिकायत दर्ज नहीं की।
अधिकार क्षेत्र की बात कहते हुए पीड़ित को थाना बिसरख जाने के लिए कह दिया। जांच के दौरान आरोप साबित होने पर एसीपी राजीव कुमार गुप्ता ने थाना बिसरख में प्रशिक्षु दरोगा अमित मिश्रा, आशीष और अभिनव के खिलाफ लूट, आपराधिक षड्यंत्र और महिला से अभद्रता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद प्रशिक्षु दरोगा अमित मिश्रा को बर्खास्त करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। अभिनव और आशीष फरार हैं।
आशीष ने एक वीडियो जारी करके दरोगा पर जबरन कार मंगवाने और घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि जांच में दोषी पाए जाने पर सिपाही अमित मलिक को भी बर्खास्त कर दिया गया है। इसी मामले में घटना को छिपाने के आरोप में पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी सेंट्रल नोएडा सुनीति को हटा दिया था। बिसरख थाने के प्रभारी अरविंद कुमार, गौर सिटी चौकी प्रभारी रमेश चंद और सब इंस्पेक्टर मोहित को निलंबित कर दिया था।