नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी के विरोध में देशभर में खूब हंगामा हुआ था। प्रदेश में इसके विरोध के दौरान कई जगह हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद सरकार ने इसकी भरपाई के लिए वसूली के लिए नोटिस जारी किए था। अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आरोपियों से वसूली के नोटिस वापस लिए जाने की तैयारी है।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि इस मसले पर योगी सरकार और अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकार इस्तेमाल करने वाले आंदोलनकारियों को शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार पूरी तरह तानाशाही रुख अपनाए हुए है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बता दिया कि देश संविधान और कानून से चलेगा। योगी सरकार ने बिना किसी न्यायिक प्रक्रिया का इस्तेमाल किए सैकड़ों लोगों के खिलाफ वसूली नोटिस जारी कर दिया था। उस समय भी कांग्रेस पार्टी ने इसका जोरदार विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट का आदेश कांग्रेस पार्टी के स्टैंड पर मुहर की तरह है। साथ ही यह भी साबित हुआ है कि योगी सरकार का लोकतंत्र पर कोई विश्वास नहीं है।