पिनगवां। पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा अपनी नाकामी के चलते की है। भाजपा और नरेंद्र मोदी को पहले ही पता था कि तीनों कानून किसानों के खिलाफ है। जब भाजपा के मंत्री और प्रधानमंत्री को लगा कि तीनों कृषि कानूनों से वे कई राज्यों में चुनाव हारने वाले है तभी इनके वापस लेने की बात की। वह शनिवार को पिगनवां में पत्रकारों को बातचीत कर रहे थे।
पूर्व सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार देश का विश्वास खो चुकी है इसलिये प्रधानमंत्री पहले माफी मांगें फिर त्यागपत्र देकर दोबारा से जनादेश लें। उन्होंने कहा तीनाें कृषि कानून वापस लेने के साथ-साथ एमएसपी की गारंटी और धरना के दौरान जो 700 किसान शहीद हुए है उनके परिवार की आर्थिक मदद और नौकरी देनी चाहिए। शहीद किसानों की याद में स्मारक बनने चाहिए। पंजाब सरकार ने सभी किसानों की याद में स्मारक बनाने की घोषणा पहले ही कर दी है।
उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और हरियाणा में भाजपा के चुनाव हारने और आने वाले उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों के विधानसभा चुनावों में उनके अपने ही सर्वे में हार बताई गई है। उससे घबराकर नरेंद्र मोदी ने कानूनों को वापस लेने की बात कही है। जब तक लोकसभा से तीनों कानून वापस नहीं होते तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता। उन्होंने नरेंद्र मोदी को यह फैसला 11 महीने पहले लेना चाहिए था। किसानों 11 महीनों से ठंड में बैठे, सरकार की लाठियां खाईं, 700 किसान शहीद हो चुके है। तीनों कानूनों के मामले में भाजपा सरकार पूरी तरह फैल हो चुकी है। उन्होंने कहा ये किसानों की जीत है। कांग्रेस तो बाहर से किसानों को पहले ही दिन से समर्थन करती आ रही है।