ग्रेटर नोएडा। पुरानी बीमारी बताकर बीमा दावा को निरस्त करने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को 30 दिन में ब्याज समेत क्लेम राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही 10 हजार रुपये मानसिक संताप और एक हजार रुपये वाद व्यय के भी देने होंगे। दादरी के ग्राम धूममानिकपुर निवासी ऋषिराज सिंह ने 21 जून 2017 को पीएनबी ओरियंटल रॉयल मेडिकल पॉलिसी ली थी। इसमें अपना, पत्नी और दो बच्चों के नाम शामिल किए थे। 11 जनवरी 2018 को ऋषिराज को हृदयाघात होने पर गाजियाबाद के नरेंद्र मोहन अस्पताल में भर्ती किया गया। इसमें बड़ी सर्जरी में काफी पैसा खर्च हुआ।
क्लेम का दावा करने पर कंपनी ने उसे निरस्त कर दिया। 23 जनवरी 2018 को ऋषिराज को जीबी पंत अस्पताल में भर्ती किया गया। वहां दो स्टंट डाले गए। इसमें 47250 रुपये खर्च आया। उस दौरान भी बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। इस पर आयोग में शिकायत की गई। सुनवाई के दौरान कंपनी ने कहा कि पॉलिसी रिषीराज सिंह से नाम से थी। जबकि, इलाज के कागजात में ऋषिराज सिंह है। साथ ही बीमारी पहले से थी। यह क्लेम के दायरे में नहीं आती है। वहीं, ऋषिराज का कहना है कि उसने दस्तावेज में नाम सही करा दिया था। मामले की सुनवाई कर आयोग ने माना कि जिस वजह से बीमा कंपनी ने क्लेम निरस्त किया है। वह सही नहीं हैं। कंपनी की सेवा में कमी रही है। इस पर अयोग ने क्लेम राशि को 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में भुगतान के आदेश दिए हैं।