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31 अस्पतालों में 4582 बेड का दावा पर तैयारी सिर्फ कागजों में...

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जिला अस्पताल में बच्ची का नमूना लेती स्वास्थ्य कर्मी। अमर उजाला
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नोएडा (योगेश शर्मा)। देश में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 14 राज्यों में 200 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। राजधानी दिल्ली और पड़ोसी जिला गाजियाबाद में भी नए वैरिएंट ने दस्तक दे दी है, लेकिन जिले का स्वास्थ्य विभाग हालात सामान्य होने का दावा कर हाथ पर हाथ धरे बैठा है। विभाग ने जिले के 31 अस्पतालों में 4582 बेड के इंतजाम का दावा किया था, लेकिन ये दावे सिर्फ कागजों में ही सीमित हैं। एक भी निजी अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए न वार्ड हैं और न ही बेड की व्यवस्था की गई है। निजी अस्पतालों में कोरोना पॉजिटिव आ रहे मरीजों को सेक्टर-39 कोविड अस्पताल और ग्रेटर नोएडा जिम्स रेफर किया जा रहा है। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
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ओमिक्रॉन को डेल्टा वैरिएंट से तीन गुना ज्यादा संक्रामक बताते हुए इंतजाम करने को कहा है। अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में बेड कम पड़ गए थे। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच तीसरी लहर आई तो इससे निपटना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि पुख्ता तैयारियों के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। विभाग ने जिन 31 अस्पतालों में 4582 बेड चिह्नित किए हैं, उनकी सूची तक सार्वजनिक नहीं की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी भी अस्पताल को कोरोना के इलाज के लिए अधिसूचित नहीं किया गया है। वहीं, कैलाश अस्पताल द्वारा 44 बेड कोविड बेड की अनुमति मांगने के अलावा और न ही किसी भी अस्पताल ने इस ओर कदम नहीं बढ़ाया है। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सेक्टर-39 के कोविड अस्पताल या जिम्स के लिए रेफर किया जा रहा है।
मरीज स्वस्थ, लेकिन रिपोर्ट नहीं आई
ओमिक्रॉन के खतरे से निपटने की तैयारियों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस वैरिएंट की पुष्टि के लिए लैब भेजे जा रहे नमूनों की रिपोर्ट कई दिनों से लंबित है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी हैं। इनमें ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं हुई है। 10 से अधिक नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है, जबकि सभी मरीज स्वस्थ होकर जा चुके हैं।
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अब टीकाकरण बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग कोरोनारोधी टीके की दूसरी डोज का दायरा बढ़ाने पर जोर दे रहा है। पहली और दूसरी डोज लगवाने वालों के बीच 6.50 लाख से अधिक का अंतर है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) नोएडा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें सभी निजी केंद्रों को दूसरी डोज से चूके लोगों का डाटा निकालकर, उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को कहा है। आईएमए के कोषाध्यक्ष डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि अस्पतालों को भी सूचित किया गया है। मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुनील अवाना, महासचिव डॉ. जीपी गुप्ता, डॉ. एके अग्रवाल, डॉ. बबित कुमार, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. नवनीत कुमार सहित विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पांच महीनों पर दिसंबर पड़ा भारी
दूसरी लहर के बाद जुलाई में कोरोना के केस कम होने लगे थे, लेकिन पांच महीने बाद एक बार फिर जनपद में भी कोरोना पांव पसार रहा है। पांच महीनों पर दिसंबर भारी पड़ा है। इस माह केवल 17 दिन में ही 66 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। बुधवार को जारी 24 घंटे की रिपोर्ट में तीन नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि पांच मरीज स्वस्थ हुए हैं। 30 मरीजों के साथ सक्रिय मामलों में जनपद प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। हाई रिस्क देशों से अब तक जनपद में 1800 लोग आ चुके हैं, जबकि अलग-अलग देशों से आने वाले मरीजों की संख्या बुधवार को बढ़कर 8047 पहुंच गई। अब तक 450 लोगों की ही जांच हो सकी है।
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