नागर विमानन सचिव ने एयरपोर्ट के बारे में कई अहम जानकारियां दीं हैं। बताया कि जेवर एयरपोर्ट बनाने के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है जिसे चार चरणों में लागू किया जाएगा।
जेवर एयरपोर्ट शिलान्यास के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। सजावट के लिए मंगाए गए 10 कुंतल फूल मंगाए गए हैं। कार्यक्रम में भारी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। जिसको देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। 25 नवंबर को कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से अपील की गई है कि वह दिशा-निर्देश देखकर ही निकलें।
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नागर विमानन सचिव ने एयरपोर्ट के बारे में कई अहम जानकारियां दीं हैं। बताया कि जेवर एयरपोर्ट बनाने के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है जिसे चार चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण का निर्माण 36 माह में होगा।
पहले चरण में प्रति वर्ष 12 मिलियन यात्रियों के यातायात की उम्मीद है। अंतिम चरण के पूरा होने तक यानी 2040-50 के बीच जेवर हवाई अड्डे की क्षमता प्रति वर्ष 70 मिलियन यात्रियों को संभालने की होगी।
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बताया कि ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट पर सबसे पहले डोमेस्टिक फ्लाइट का संचालन शुरू होगा। पहले चरण की परियोजना लागत 8916 करोड़ रुपये है। यूपी सरकार भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्वास पर 4326 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। पीएम मोदी व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की निगरानी कर रहे हैं।