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दृष्टिहीन दंपती के बच्चों को मिला दाखिला

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दृष्टिहीन दंपति के साथ स्कूल में दाखिला करवाने के बाद छोटू फाउंडेशन के संस्थापक रिक्की और चैलें?
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नोएडा। दृष्टिहीन दंपती नेहा और रामकेश के दोनों बच्चे मंदीप (7) और साहिल (9) का सेक्टर-22 स्थित धर्म पब्लिक स्कूल में दाखिला हो गया है। मंदीप का यूकेजी और साहिल का पहली कक्षा में एडमिशन हुआ है। अमर उजाला के 23 फरवरी के अंक में ‘दृष्टिहीन हैं दंपती, बच्चों को नहीं मिल रहा दाखिला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद कई लोग दंपती की सहायता करने के लिए आगे आए थे। छोटू फाउंडेशन ने शुक्रवार को बच्चों का दाखिला करवाया है। दोनों को स्कूल की ड्रेस, जूते और बैग आदि भी दिलवाए गए हैं। अप्रैल में शुरू हो रहे नए सत्र में दोनों स्कूल जाएंगे।
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फाउंडेशन के संस्थापक रिक्की जोनसन ने बताया कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उन्होंने दृष्टिहीन दंपती की तलाश की। नोएडा स्टेडियम के पास सड़क किनारे पति-पत्नी टॉफी-बिस्किट बेचते हुए मिले। जब तक दंपती चाहेगा, संस्था उनके बच्चों को पढ़ाएगी। दाखिला के बाद दंपती भावुक हो गए। नेहा ने बताया कि पति एक निजी कंपनी में काम किया करते थे। पहले लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई। परिवार कई दिनों तक भूखा रहा। अब पति-पत्नी स्टेडियम के पास सड़क पर टॉफी, बिस्किट और नमकीन बेचते हैं। रोजाना 40-50 रुपये कमा लेते हैं।
सत्र 2018-19 में साहिल का सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय में दाखिले के लिए नाम आया था। पति-पत्नी विद्यालय पहुंचे तो तत्कालीन उपप्रधानाचार्य ने उनके बच्चों को यह कहते हुए दाखिला देने से मना कर दिया कि दृष्टिहीन के बच्चों का दाखिला नहीं हो सकता। मदद के लिए नेहा सांसद, विधायक, तत्कालीन जिलाधिकारी के पास गईं थी लेकिन कोई भी बच्चे को दाखिला नहीं दिलवा सका। अब तक दोनों बच्चे चैलेंजर्स की पाठशाला में शिक्षा हासिल कर रहे थे। पाठशाला के संस्थापक प्रिंस शर्मा ने बताया कि दोनों बच्चों के दाखिले से पाठशाला में खुशी का माहौल है।
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