सात घंटे तक बढ़ा डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल
चाइल्ड पीजीआई के एक अध्ययन के मुताबिक, कोरोना से पहले 7 से 12 वर्ष की आयु के लगभग 30 प्रतिशत बच्चे दिन में औसत पांच घंटे डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करते थे। महामारी के बाद 10 से 12 घंटे प्रतिदिन इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्धारित आयु से एक वर्ष पहले ही 44 फीसदी बच्चों के हाथों में स्मार्ट फोन थमा दिए गए। इसका असर बच्चों की आंखों और कान पर पड़ा है।
बहरेपन के लक्षण
- कान में सीटी की आवाज सुनाई देना।
- चक्कर आना, नींद न आना, सिर दर्द।
- चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी व उच्च रक्तचाप।
बचाव
लंबे समय तक फोन पर बात करने से बचें, बहुत जरूरी होने पर ही हेडफोन व ईयरफोन का इस्तेमाल करें, 10 से 20 मिनट का ब्रेक लेते रहें और कम आवाज रखें।