नोएडा प्राधिकरण की ओर से मना होने के बाद अब शासन से उम्मीद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित सुपरस्पेशियलिटी इलाज के लिए बने चाइल्ड पीजीआई ने जर्जर हो रही बिल्डिंग के रखरखाव के लिए 14 करोड़ रुपये शासन से मांगे हैं। नोएडा प्राधिकरण की ओर से रखरखाव पर बजट खर्च किए जाने से मना करने के बाद अब शासन से चाइल्ड पीजीआई प्रबंधन को उम्मीद बनी है।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. अरूण कुमार सिंह ने पिछले दिनों प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा सहित कई अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद खुद सचिव चिकित्सा शिक्षा अपर्णा यू ने पिछले दिनों संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बेसमेंट से लेकर वार्ड, लैब, परिजनों के लिए बने शेल्टर होम में बिल्डिंग की जर्जर हालत दिखाई गई। इसके बाद शासन से बजट मांगने के लिए सहमति अधिकारियों से बनी। निदेशक की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक यह बजट फाल्स सीलिंग ठीक कराने से लेकर बेसमेंट में जल निकासी, सीपेज, टूट-फूट ठीक कराने पर खर्च होगा।
कैथ लैब बनाने के लिए भी कंपनी तय
चाइल्ड पीजीआई में कैथ लैब बनाने के लिए संशोधित बजट स्वीकृत होने के बाद अब इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। कंपनी चयन के बाद मशीनों की खरीद और इंस्टॉलेशन के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। प्रबंधन के मुताबिक इसी साल के अंत तक कैथलैब तैयार हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद यहां बच्चों की हार्ट सर्जरी करने के लिए आधुनिक सुविधा मौजूद रहेगी।