नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की तेजी से सुनवाई की जाए। अदालत ने यहां विशेष अदालतों में मामलों के त्वरित निस्तारण को सुव्यवस्थित करने के लिए न्यायिक प्रशासन का पक्ष मांगा। मामले में अगली सुनवाई फरवरी में होगी।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने कहा कि यह उच्च न्यायालय के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे यूएपीए के मामलों के शीघ्र निस्तारण के मुद्दे पर विचार करें और उनकी सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के गठन के लिए उचित सिफारिशें करें। यह उच्च न्यायालय को तय करना है कि विशेष अदालतों से अन्य अदालतों में मामलों को स्थानांतरित करना है।
अदालत एक आरोपी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने एक विशेष एनआईए अदालत में यूएपीए के तहत लंबित मामले में प्रतिदिन सुनवाई का अनुरोध किया था।
अदालत ने कहा, ‘ मामले में कई आरोपी हैं, चार से 14 तक और गवाह 100 से 500 के करीब हैं। इस प्रकार सुनवाई में काफी समय लगता है। अपराध गंभीर होने और कई बार विदेशी नागरिकों से जुड़े होने के कारण, जमानत आसानी से नहीं दी जाती है। इसलिए जांच चाहे एनआईए या दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने की हो, विशेष अदालतों को तेजी से विचार करना चाहिए।
अदालत ने आदेश दिया, ‘यूएपीए के मुकदमे के जल्द निपटारे को कारगर बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए न्यायालय द्वारा हलफनामा दायर किया जाए।’ वकील गौरव अग्रवाल ने बताया कि यूएपीए मामलों की सुनवाई के लिए शहर में एनआईए की दो विशेष अदालतें हैं और गैर-यूएपीए मामलों की सूची का यूएपीए मामलों की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
अदालत ने कहा, उच्च न्यायालय सिफारिशें (यदि आवश्यक हो) भेजेगा। यही एकमात्र उद्देश्य है। उच्च न्यायालय यह आकलन करेगा कि आपको कितनी अदालतों की आवश्यकता है।
वकील कार्तिक मुरुकुटला के माध्यम से दायर याचिका में, याचिकाकर्ता मंजर इमाम ने कहा कि वह आठ साल से हिरासत में हैं और उसके मामले में सुनवाई में देरी हुई है क्योंकि केवल दो नामित अदालतें हैं जो जमानत मामले, अन्य आईपीसी अपराध और मकोका मामलों समेत गैर-एनआईए मामलों की सुनवाई भी कर रही हैं।
याचिकाकर्ता को एनआईए के एक मामले के अनुसार अगस्त 2013 में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य, देश में स्थित अन्य आईएम स्लीपर सेल और अन्य के साथ मिलकर आतंकवादी कृत्य करने की साजिश रच रहे थे। वे भारत के प्रमुख स्थानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।