नूंह। जिला बाल कल्याण परिषद नूंह में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में सेवानिवृत्त जिला बाल कल्याण अधिकारी (डीसीडब्ल्यूओ) सज्जन सिंह, तत्कालीन कार्यवाहक बाल कल्याण अधिकारी अनिल दहिया और सेवानिवृत्त लेखा लिपिक जवाहर सिंह के खिलाफ नूंह सिटी थाना में बुधवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुट गई है। जानकारी के अनुसार उक्त सभी आरोपी जिला बाल कल्याण परिषद नूंह में वर्ष 2010 से 2012 तक कार्यरत थे। वर्ष 2010 में जिला बाल कल्याण अधिकारी नूंह सज्जन सिंह (रिटायर्ड) ने अपने निजी जानकारी में जवाहर सिंह को अनुबंध के आधार पर जिला बाल कल्याण परिषद नूंह में लेखा लिपिक के पद पर नियुक्त किया।
सज्जन सिंह ने जवाहर सिंह का 2011 में झूठा एवं गलत कार्यालय नोट तत्कालीन उपायुक्त को चढ़ाकर प्रस्तुत किया। इसके बाद वर्ष 2012 में कार्यवाहक बाल कल्याण अधिकारी नूंह अनिल दहिया ने उपायुक्त को झूठी व गलत जानकारी देकर आपस में मिलीभगत करके जवाहर सिंह (पूर्व लेखा लिपिक) को नियुक्ति पत्र दे दिया। इसके बाद आपस में मिलीभगत कर उपायुक्त को गलत वेतन की जानकारी देकर जवाहर सिंह को बाल कल्याण परिषद नूंह में लेखा लिपिक के पद पर ग्रेड पे देकर स्थायी तौर पर नियुक्त कर दिया। जवाहर सिंह उपरोक्त पद के लिए अयोग्य था, लेकिन आरोपियों ने कानून व नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन किया। इतना ही नहीं सज्जन सिंह और अनिल दहिया ने आपस में मिलीभगत कर जवाहर सिंह के वेतनमान को 1900 रुपए ग्रेड पे से 2400 रुपए ग्रेड पे के लिए तत्कालीन उपायुक्त को गुमराह कर झूठी जानकारी देकर वेतनमान बढ़वा लिया। इस प्रकार उपरोक्त सभी आरोपियों ने अपने पद पर रहते हुए अपने पद की शक्तियों का दुरुपयोग किया। आरोपी जवाहर सिंह व सज्जन सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जबकि आरोपी अनिल दहिया वर्तमान में बाल कल्याण परिषद गुड़गांव में कार्यक्रम अधिकारी के पद पर कार्यरत है। आरोपियों द्वारा की गई धोखाधड़ी व जालसाजी 13 दिसंबर 2021 को एसडीएम द्वारा जांच अमल में लाई। जिसमें एसडीएम नूंह ने अपनी जांच में उक्त सभी को दोषी पाया।
उक्त मामले को लेकर जिला बाल कल्याण अधिकारी नूंह कमलेश शास्त्री ने पुलिस को मामला अवगत कराते हुए शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद नूंह सिटी थाना पुलिस ने धारा 409, 420, 468, 465, 466, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया। सिटी थाना एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने कहा कि केस दर्ज कर लिया है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई में जुट गई है। रिकॉर्ड अन्य दस्तावेज को जुटाए जा रहे हैं।