ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को महालक्ष्मी बिल्डर समेत छह नामजदों व पांच अज्ञात के खिलाफ सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज किया गया है। सभी पर साइट सी स्थित मिग्सन ग्रीन मेंशन सोसाइटी में फ्लैट मिलने के बाद भी रजिस्ट्री न कराने का आरोप है। पीड़ित निवेशक नरेंद्र चौहान का आरोप है कि कागजों में हेराफेरी कर फ्लैट बेचे गए। इस वजह से निवेशक ने तो फ्लैट बेच पा रहे हैं और न ही लोन की किश्त भर पा रहे हैं।
सूरजपुर कोतवाली प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह के अनुसार, नरेंद्र का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2016 में 28 लाख से अधिक का भुगतान कर फ्लैट बुक कराया था। सर्विस टैक्स के नाम पर एक लाख रुपये भी लिए गए थे। वर्ष 2016 में फ्लैट पर कब्जे का वादा किया गया था, लेकिन वर्ष 2018 में फ्लैट मिला। रजिस्ट्री के नाम पर अतिरिक्त चार्ज भी लिया गया। इसके अलावा झूठ बोला गया कि यूपीसीडा से कंप्लीशन सर्टिफिकेट मिल गया है।
नरेंद्र ने जब धोखाधड़ी की बात कही तो बिल्डर कंपनी के सीईओ रिजवान अहमद ने धमकी दी। काफी समय बीतने के बाद भी फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। मामले में बिल्डर कंपनी के मालिक सुनील मिगलानी, पत्नी अनीता मिगलानी व बेटे यश मिगलानी, निदेशक सुरेंद्र अरोड़ा व चंद्रकांत और सीईओ रिजवान के खिलाफ भी नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।