उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्यमियों के लिए सरकार सिंगल विंडो प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिनियम लाएगी। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के कल्याण के साथ उद्योगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। 'कारोबार सुगमता' के तहत उद्योगों की व्यावहारिक परेशानियां कम होंगी।
उत्तर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को और आसान करने की तैयारी है। उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए सरकार सिंगल विंडो प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए अधिनियम लाएगी। इसके जरिये उद्योगों से जुड़ी अनुमति और अन्य प्रक्रियाओं को एक ही व्यवस्था के तहत पूरा करने पर जोर रहेगा। यह बातें नालेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो एंड सेंटर मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान आयोजित सत्र में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के साथ उद्योगों को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों के सामने आने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम किया जाएगा। सिंगल विंडो व्यवस्था के लिए अधिनियम आने से उद्यमियों को विभिन्न स्तर पर होने वाली दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
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प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का दावा करते हुए बताया गया कि देश की आजादी से वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में जितने कारखाने पंजीकृत हुए थे, उसके मुकाबले वर्ष 2017 के बाद अब तक दोगुने से अधिक कारखानों का पंजीकरण हो चुका है।
इसे प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक निवेश से जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योगों के लिए सुविधाजनक माहौल के कारण उत्तर प्रदेश में लगातार नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। इससे निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। वहीं श्रमिकों के हितों और उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।