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दो जिलों में उलझी कैब चालक आफताब हत्याकांड की गुत्थी

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ग्रेटर नोएडा। एक वर्ष पहले 6 सितंबर 2020 की रात गुरुग्राम से बुलंदशहर सवारी छोड़कर दिल्ली लौट रहे कैब चालक आफताब आलम की हत्या कर दी गई थी। बुलंदशहर से सवारी बनकर कैब में बैठे बदमाशों ने बादलपुर क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया था। शुरुआती जांच के बाद गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने बदमाशों के बुलंदशहर से सवार होने के कारण जांच वहीं ट्रांसफर कर दी थी।
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दो जिलों में उलझी नृशंस हत्याकांड की गुत्थी एक साल बाद भी अनसुलझी है। परिजन पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से लेकर मानवाधिकार आयोग तक न्याय की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अब तक उनकी सुनवाई नहीं हुई। आज तक आरोपी फरार हैं। रविवार को कई संगठनों ने ऑनलाइन बैठक कर न्याय दिलाने और आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।
दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी आफताब (42) बीते 6 सितंबर को गुरुग्राम से एक युवती को बुलंदशहर उसके घर छोड़ने गए थे। युवती को उसके घर छोड़कर वह घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे पुलिस को गश्त के दौरान आफताब अपनी कार में जीटी रोड पर मोहन स्वरूप अस्पताल के पास घायलावस्था में मिले। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने हत्या और नकदी-मोबाइल लूट की धारा में बादलपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने दावा किया था कि कुछ बदमाश बुलंदशहर क्षेत्र में ही सवारी बनकर उनकी कैब में सवार हो गए थे। इसके बाद केस को बुलंदशहर स्थानांतरित कर दिया गया।
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लुहारली टोल के सीसीटीवी में कैद हुए थे आरोपी
पुलिस की प्राथमिक पड़ताल में पता चला था कि लुहारली टोल से कैब निकलने के दौरान आरोपियों का टोल कर्मियों से भी विवाद हुआ था। आरोपी खुद को स्थानीय बता रहे थे। टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपियों की तस्वीर कैद हुई थी। उस वक्त पुलिस ने इसी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान और जल्द गिरफ्तारी का दावा भी किया था।
41 मिनट की ऑडियो में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगवाने का आरोप
आफताब को कैब में बैठे आरोपियों पर संदेह हो गया था। उन्होंने फास्टैग में पैसा नहीं होने पर बेटे मोहम्मद साबिर को फोन कर रिचार्ज करने को कहने को कहा था। उन्होंने बिना कॉल काटे मोबाइल जेब में रख दिया था। 41 मिनट से अधिक की ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपियों की आवाज कैद है। बेटे साबिर का आरोप था कि रिकॉर्डिंग में बातचीत के अलावा ‘जय श्रीराम’ का नारा लगवाने का दबाव बनाने की आवाज कैद है। आरोपियों ने उस दौरान आफताब को शराब की भी पेशकश की थी।
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