ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने शहर के दो सबसे पुराने गांव सूरजपुर और कासना के लिए विकास योजना का खाका तैयार कर लिया है। पहले चरण के लिए 10-10 करोड़ की किस्त भी जारी कर दी गई है। शुक्रवार को सीईओ नरेंद्र भूषण ने दोनों गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। सीईओ ने कासना स्थित सती निहालदे मंदिर के आसपास के क्षेत्र को भी विशेष तौर से विकसित करने का निर्णय लिया है।
सीईओ ने बताया कि दोनों गांव एतिहासिक हैं। अब उन्हें नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इन गांवों की सड़कों, गलियों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। बाजारों को नियमित करते हुए सड़कों से कब्जे हटवाने और अन्य मार्गों का सौंदर्यीकरण भी होगा। सूरजपुर स्थित घंटाघर चौक (सूरजपुर तिराहा) और आसपास के क्षेत्र को मनोरंजन जोन में बदलेंगे। धार्मिक स्थल बाराही मंदिर और आसपास के क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा। साथ ही, सरकारी कार्यालयों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा। हरियाली, पार्किंग, फुटपाथ की व्यवस्था होगी। इसी तरह कासना के सबसे पुराने निहालदे मंदिर व आसपास के क्षेत्र को संवारा जाएगा।
दोनों गांवों के विकास के लिए 50-50 करोड़ रुपये खर्च का बजट बनाया गया है। तीन दिन पहले हुई बोर्ड बैठक में भी प्रस्ताव पास हो गया है। प्रारंभिक धनराशि के रूप में बजट में 10-10 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान जीएम प्रोजेक्ट एके अरोड़ा, वरिष्ठ प्रबंधक सलिल यादव, कपिल सिंह, मनोज धारीवाल, राजीव कुमार व सुभाष चंद्र, प्रबंधक जितेंद्र यादव व वैभव नागर आदि मौजूद रहे।
100 दिन में कंसलटेंट का चयन कर डीपीआर बनेगी
निहालदे मंदिर के पास बह रहे हवेलिया नाले के किनारे को रिवर फ्रंट के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, सूरजपुर-कासना रोड के किनारे हरियाली बढ़ाई जाएगी। सीईओ ने दोनों गांवों के विकास के लिए कंसलटेंट का चयन जल्द करने व डीपीआर तैयार कराने के निर्देश दिए हैं। दोनों गांवों के लिए 100 दिन के भीतर कंसलटेंट का चयन करने, तीन माह में डीपीआर बनवाने और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एक साल के भीतर मौके पर काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2025 तक दोनों को गांवों को विकसित करने का लक्ष्य किया है।