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बिसरख ब्लॉक प्रमुख पद पर अप्रीतकौर नागर दो मतों से विजयी घोषित

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ग्रेटर नोएडा। बिसरख ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में अप्रीतकौर नागर ने जीत हासिल की है। भाजपा समर्थित दोनाें प्रत्याशियों के बीच हुए रोमांचक मुकाबले में अप्रीतकौर ने प्रतिद्वंदी रुचि भाटी को दो मतों से मात दी। शनिवार को मतगणना के बाद रिटर्निंग ऑफिसर प्रसून द्विवेदी ने उन्हें प्रमाण पत्र देकर विजेता घोषित किया। दोनों प्रत्याशी ने भाजपा से टिकट मांगा था। लेकिन पार्टी ने किसी को टिकट नहीं देकर दोनों को मौका देने का फैसला किया था। अहम है कि जिले के दो अन्य ब्लॉक प्रमुख पदों पर भाजपा प्रत्याशी बिजेंद्र भाटी और मुन्नी देवी निर्विरोध चुने गए थे।
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इससे पहले शनिवार सुबह 11 बजे ब्लॉक परिसर में मतदान शुरू हुआ। दोपहर 2:30 बजे तक चले मतदान में सभी 38 क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) ने बारी-बारी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। दोपहर बाद 3 बजे से मतगणना शुरू हुई। जो करीब 15 मिनट तक चली। दुजाना गांव निवासी अप्रीतकौर नागर को 19 वोट हासिल हुए। जबकि रुचि नागर को 17 वोट मिले। जबकि दो मत खारिज कर दिए गए। मतगणना पूरी होने के बाद रिटर्निंग अफसर प्रसून द्विवेदी ने विजयी प्रत्याशी को प्रमाण पत्र दिया। जीत की घोषणा होते ही अप्रीतकौर के समर्थक मौके पर पहुंच गए। विजेता प्रत्याशी के घर और गांव में जीत का जश्न शुरू हो गया। अप्रीतकौर के पति ओमपाल नागर दुजाना गांव के पूर्व प्रधान हैं।
मतदान के समय रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बिसरख ब्लॉक परिसर के मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मतदान की शुरुआत से मतगणना के समापन तक एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह, डीसीपी हरीश चंदर और एडीसीपी अंकुर अग्रवाल, तीन कोतवाली की पुलिस और अन्य फोर्स तैनात रहा। किसी भी बाहरी व्यक्ति को आसपास नहीं आने दिया गया। प्रत्याशियों और बीडीसी के गांवों में भी पुलिस और प्रशासन की टीम मुस्तैद रही।
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नंबर सही नहीं लिखने से दो मत खारिज
कुल 38 मत में से 2 मत खारिज कर दिए गए। इनमें दोनों प्रत्याशी की एक-एक मत मिले थे। बीडीसी मतदाताओं ने प्रत्याशी के समक्ष नंबर सही से नहीं लिखा। जिस कारण रिटर्निंग अफसर ने दोनों मत खारिज कर दिए। अगर मत सही होते तो भी परिणाम पर असर नहीं होता। तब भी अंतर दो मतों का ही रहता।
दांव पर लगी थी भाजपा नेताओं की साख
बिसरख ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में दोनों प्रत्याशी भाजपा समर्थित थे। दोनों ने भाजपा से ही टिकट मांगा था। पार्टी ने किसी को टिकट नहीं देकर दोनों को मौका दिया था। दोनों प्रत्याशी के साथ भाजपा के बड़े नेता थे। उनकी साख दांव पर लगी थी। सभी नेताओं ने अपने-अपने प्रत्याशी को जीताने के लिए पूरा प्रयास किया। हालांकि रुचि नागर का समर्थन कर रहे नेताओं को मायूसी हाथ लगी।
नहीं पूरा हो सका रुचि का सपना
रुचि नागर बिसरख ब्लॉक के पूर्व प्रमुख ध्यान सिंह भाटी की पुत्रवधू हैं। ध्यान सिंह भाटी के पिता दो बार और मां एक बार ब्लॉक प्रमुख रही थीं। जबकि ध्यान सिंह भाटी के छोटे बेटे अमरीश भाटी पिछली योजना में ब्लॉक प्रमुख थे। उसके बाद एक योजना का चुनाव नहीं हो सका था। अब परिवार ने रुचि नागर को मैदान में उतारा था। ताकि, प्रमुख का पद परिवार के पास रहे, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका।
ब्लॉक प्रमुख बनीं मुन्नी देवी को मिला प्रमाण पत्र
जेवर (संवाद)। जेवर ब्लॉक प्रमुख बनीं मुन्नी देवी को निर्वाचित होने का प्रमाण मिला गया। दूसरी बार ब्लॉक प्रमुख बनीं मुन्नी देनी शनिवार को जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के साथ प्रमाण पत्र लेने पहुंचीं। मुन्नी देवी वर्ष 2006 से 2011 के बीच जेवर ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वो गांव में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने का पूरा प्रयास करेंगी। ब्लॉक में विकास कार्य कराएंगी। इससे पहले दादरी ब्लॉक प्रमुख बिजेंद्र भाटी शुक्रवार को अपना प्रमाण पत्र ले चुके है। दोनों भाजपा प्रत्याशियों को निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुना गया है।
विकास के साथ युवा को देंगे नई दिशा: अप्रीतकौर
बिसरख ब्लॉक प्रमुख बनी अप्रीतकौर नागर ने कहा है कि वो क्षेत्र के विकास के साथ ही युवाओं को नई दिशा देने पर भी काम करेंगी। क्षेत्र में कोचिंग सेंटर खुलवाएं जाएंगे। ताकि वहां युवा विभिन्न प्रतियोगिताओं की तैयारी कर सकें।
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