नूंह। मनरेगा में फैला भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ रहा है। धीरे-धीरे गांवों के लोग मनरेगा को लेकर जागरूक हो रहे हैं। ऐसे ही एक मनरेगा में भ्रष्टाचार के मामले में शिकायत के दस दिनों बाद कार्रवाई नहीं होने पर इंडरी खंड के गांव खेड़ली दोसा के लोगों ने बुधवार को उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह से मिलकर भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उपायुक्त शक्ति सिंह ने इस मामले में ग्रामीणों को कड़ा संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खेडली दोसा निवासी सुखबीर, श्रीराम, बिरम सिंह व लीलू भगत ने बताया कि जिले के पंचायत विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के मामले आ रहे हैं उनके गांव में मृतक हरबज, हसंराज, बिशन सिंह, हेमराज, प्रकाश व रतीराम को मरे हुए काफी समय हो गया है। हाल में इन सभी मृतकों को मनरेगा में कार्य करते हुए खेड़ी कंकर गांव में दिखाया गया है। सभी मृतकों ने नाम से रुपये भी निकाले जा रहे हैं। इसलिए उन्होंने उपायुक्त को सभी मृतकों के प्रमाण पत्र, आधार कार्ड के मनरेगा में कार्य करने पर जारी की गई राशि की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है। इसके अलावा गांव के दर्जनों लोग ऐसे है जिनको ये पता नहीं कि मनरेगा क्या होती है, वह भी कार्य कर रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि इन लोगों के अलावा गांव के जयराम व रामोतार जोकि सरकारी कर्मचारी है उनके नाम से भी राशि जारी की जा रही है। उन्होंने इस मामले में उपायुक्त के अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृहमंत्री अनिल विज, सीएम विजिलेंस सहित प्रदेश के उच्चाधिकारियों से मांग की इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर बीडीपीओ, एबीपीओ, अकाउंटेंट, ग्राम सचिव भ्रष्ट व बैंक अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
करोड़ों रुपये के विकास कार्य, फिर भी रास्तों की हालत खराब
सभी खंडों में मनरेगा के तहत करोड़ों रुपये के विकास कार्य दिखाए गए है लेकिन आज भी गांवों में रास्तों के हालात बहुत ही खराब है जिससे विकास की बात करना नाइंसाफी है। बता दें कि जिले में मनरेगा के तहत प्रदेश में जिला नूंह में सबसे अधिक राशि आ रही है लेकिन इस राशि का बड़े स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है। बैंक अधिकारियों के साथ पंचायत विभाग के अधिकारी इस राशि का गोलमाल कर रहे हैं। खेड़ली दोसा में मृतकों के मामले के अलावा इंडरी गांव में भी मृतकों, छात्रों व अन्य कर्मचारियों के नाम से जॉब कार्ड बने हुए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने इस मामले में उपायुक्त शक्ति सिंह ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। ऐसे में अगर जांच की जाए तो अन्य गांवों में भी भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो सकते हैं।
उपायुक्त बोले, दोषी पर होगी कार्रवाई
ग्रामीणों ने आज मृतकों के प्रमाण पत्र सौंपे हैं। जो भी मामले में दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। भ्रष्टाचार को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी को केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का गलत दुरुपयोग नहीं करने दिया जाएगा।