नोएडा। कोतवाली फेज टू पुलिसकर्मियों की अभद्रता से नाराज सैकड़ों वकील मंगलवार को पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह से मिलने पहुंचे तो भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क पर ही रोक दिया। इससे नाराज होकर वकील यथार्थ अस्पताल के पास बीच सड़क धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस आयुक्त लव कुमार से मुलाकात की। इसके बाद जांच का आश्वासन मिला तो वकील लौट गए। अब बुधवार को कचहरी में वकील आगे की रणनीति बनाएंगे।
पिछले दिनों कोतवाली फेज टू के पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के दौरान एक वकील से अभद्रता कर दी थी। इसके बाद से वकील पुलिस की कार्यशैली से नाराज हैं और कोतवाली फेज टू थानाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को इसी सिलसिले में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी के नेतृत्व में सैकड़ों वकील पुलिस कमिश्नर से मिलने सेक्टर-108 जा रहे थे। ऑफिस के आसपास पुलिस बल तैनात था। कुछ दूरी पर बैरिकेडिंग कर वकीलों को रोक दिया। साथ ही, पुलिस कमिश्नर कार्यालय की तरफ आने वाले रास्तों को बंद कर यातायात डायवर्ट कर दिया गया। धरने पर बैठे वकीलों ने कोतवाली फेज टू के प्रभारी सुजीत उपाध्याय व अन्य पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने व निलंबित करने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
फेज टू के थानाध्यक्ष निरंकुश: बार एसोेसिएशन अध्यक्ष
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी का आरोप है कि सम्मानित वकील से सुजीत उपाध्याय व अन्य पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की है। उन्होंने थानाध्यक्ष पर निरंकुश होने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब कमिश्नरेट में अधिवक्ता सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी की क्या हालत होगी। उन्होंने कहा कि फेज टू पुलिस लगातार लोगों पर अत्याचार कर रही है। थानाध्यक्ष पर एफआईआर व निलंबन के अलावा हमं कुछ कम मंजूर नहीं होगा। वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को केवल आश्वासन मिला है।
एक घंटे की बैठक में मिला आश्वासन
अधिवक्ताओं के धरने पर बैठने के बाद पुलिस व वकीलों के बीच संवाद हुआ तो पुलिस अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को कमिश्नर कार्यालय में जाकर बातचीत करने की बात कही। इस पर करीब 13 पूर्व बार अध्यक्षों का प्रतिनिधिमंडल कार्यालय गया और वहां लव कुमार से बातचीत की। एक घंटे तक चली बैठक में डीसीपी सेंट्रल जोन हरीश चंदर, एडीसीपी नोएडा रणविजय सिंह, एडीसीपी अंकुर अग्रवाल भी मौजूद रहे।
कमिश्नर के नहीं मिलने से वकील नाराज
मंगलवार को वकील पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत करने के लिए पहुंचे थे। वकीलों का कहना है कि पहले तो हमें अंदर जाने नहीं दिया गया। गर्मी व उमस के बीच वकीलों को सड़क पर बैठना पड़ा। प्रतिनिधिमंडल जब पुलिस कार्यालय गया तो वहां भी पुलिस कमिश्नर से मुलाकात नहीं हो पाई। इससे वकीलों में जबर्दस्त नाराजगी है।