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अमरनाथ यात्रा : दो साल बाद फिर लगेंगे बोल बम के नारे, नहीं जा पाएंगे ये श्रद्धालु, बाकियों को करना होगा इन नियमों का पालन

Thu, 31 Mar 2022 05:41 PM IST
सुशील कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

यात्रा पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू की जाएगी। 10 हजार श्रद्धालुओं को रोजाना रवाना किया जाएगा। इसमें हेलिकॉप्टर से पहुंचने वाले श्रद्धालु अलग होंगे। श्राइन बोर्ड बालटाल से दोमेल तक 2.75 किलोमीटर लंबी यात्रा में यात्रियों को निशुल्क बैटरी कार सेवा मुहैया करवाएगा।
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अमरनाथ यात्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना की तीन लहर के बाद श्री अमरनाथ यात्रा इस बार 30 जून से शुरू हो रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई अमरनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। यह यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। यह यात्रा 43 दिनों तक चलेगी। यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू होगी। बोर्ड ने यात्रा के दौरान कोरोना नियमों का पालन सुनिश्चित करने का भी फैसला लिया है। सरकार यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए इस बार आरएफआईडी सिस्टम शुरू करने जा रही है। 

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रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओं को किया जाएगा रवाना 
यात्रा पहलगाम और बालटाल मार्गों से शुरू की जाएगी। 10 हजार श्रद्धालुओं को रोजाना रवाना किया जाएगा। इसमें हेलिकॉप्टर से पहुंचने वाले श्रद्धालु अलग होंगे। श्राइन बोर्ड बालटाल से दोमेल तक 2.75 किलोमीटर लंबी यात्रा में यात्रियों को निशुल्क बैटरी कार सेवा मुहैया करवाएगा। बोर्ड सुबह-शाम बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में होने वाली आरती का लाइव प्रसारण भी पूर्व की तरह करेगा। 

सोशल मीडिया पर भी दी जाएगी यात्रा संबंधी जानकारी
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नितेश्वर कुमार ने बताया कि यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। नए यात्री निवास भवन बनाए गए हैं। दूरसंचार सुविधाएं, हेलिकाप्टर सेवा, बोर्ड की एप, पौनीवालों का साल भर के लिए बीमा के अलावा यात्रियों व सेवादारों के हित में कई कवायदें की गई हैं।
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यात्रियों के लिए मेडिकल कैंप की सुविधा
डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पर्वत बचाव टीमों के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस यात्रियों के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा जांच शिविर भी स्थापित करेगी। 

यात्रा के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जरूरी
यात्रा के दौरान जम्मू में तीन हजार यात्रियों को प्रतिदिन ऑन स्पॉट पंजीकरण कोटा देने की योजना है। साथ ही बैंक शाखाओं में भी यात्रियों को पंजीकृत करने पर जल्द फैसला लिया जाएगा। अग्रिम यात्री पंजीकरण के लिए अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (सीएचसी) जरूरी है, जिसके लिए श्राइन बोर्ड की ओर से 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मान्यता प्राप्त डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों की सूची जारी की गई है। 
  
यात्रियों को ठहराने के लिए व्यवस्थाओं का विस्तार
श्री राम मंदिर पुरानी मंडी, गीताभवन परेड ग्राउंड जम्मू, महाजन सभा शालामार रोड जम्मू, सरस्वती धाम (रेलवे स्टेशन), वैष्णवी धाम (रेलवे स्टेशन) जम्मू, एसडीएच नगरोटा, सरकारी अस्पताल सरवाल शामिल हैं। इसी तरह कश्मीर संभाग के संस्थानों की भी सूची जारी की गई है। इस बार रिकॉर्ड यात्रा के मद्देनजर यात्रियों को ठहराने के लिए व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।


यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें

  • 13 साल से कम और 75 साल से अधिक आयु वाले को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
  • 6 हफ्ते से अधिक गर्भवती महिला को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। 
  • रोजाना 10 हजार श्रद्धालुओ को किया जाएगा रवाना।
  • यात्रा 30 जून से शुरू होगी और 11 अगस्त तक चलेगी। 
  • 11 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होगी।
  • कोराना नियमों का करना होगा पालन।
  • बालटाल से दोमेल तक निशुल्क बैटरी कार सेवा मुहैया करवाएगा। 
  • बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में होने वाली आरती का लाइव प्रसारण।


यात्रा का महत्व
श्री अमरनाथ धाम हिंदुओं का सबसे पवित्र स्थल है। गुफा में महादेव बर्फ के शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं। इन्हें 'बाबा बर्फानी' भी कहते हैं। यह दुनिया का एकमात्र शिवलिंग है, जो चंद्रमा की रोशनी के आधार पर बढ़ता और घटता है। हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा करते हैं।

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