समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और आजमगढ़ से सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब वह करहल से विधायक रहेंगे। बता दें कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में करहल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। अखिलेश यादव के साथ ही आजम खां ने भी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, वह रामपुर सदर सीट से विधायक रहेंगे।
माना जा रहा है कि अब वह अपना पूरा ध्यान एमएलसी चुनाव पर लगाने वाले हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि एमएलसी चुनाव बड़ी चुनौती है। इसमें प्रशासन से भी लड़ना है। एमएलसी चुनाव में प्रत्याशियों के नाम पर यादव न लिखे जाने के सवाल पर कहा कि भाजपा यदि जातिवादी राजनीति करे तो वह सोशल इंजीनियरिंग है। लेकिन जब समाजवादी पार्टी करती है तो वह जातिवाद। भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जहां पर माफियाओं को एमएलसी चुनाव जिताना है वहां पर भाजपा प्रत्याशी नहीं लड़ा रही है।
इससे पहले उन्होंने आजमगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा था कि इस जिले का परिणाम ऐतिहासिक रहा है। भाजपा की कोशिश रही कि आजमगढ़ में सपा को पीछे कर दे। लेकिन यहीं से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। दसों सीटें सपा को मिलीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भले ही न बनी हो लेकिन हम हारे नहीं हैं।