फिरोजपुर झिरका। चैत्र नवरात्र और रमजान एक साथ शुरू हो रहे हैं। कोरोना के कारण दो साल बाद इस बार नवरात्र और रमजान के अवसर पर जिले के मंदिरों तथा मस्जिदों में भीड़ नजर आएगी। शनिवार से नवरात्र और रविवार से रमजान शुरू हो जाएंगे। ऐसे में जहां हिंदू समाज के लोग नवरात्र पूजा की तैयारियों में जुटे हैं। वहीं, मुस्लिम समाज के लोग भी रमजान की तैयारियों में जुटे हैं। नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके लिए मंदिरों और घरों में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नवरात्र पूजन के लिए शुक्रवार को खाद्य व पूजन सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ दिखाई दी। शुक्रवार को साफ-सफाई के बाद मंदिरों को रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया। घरों में बने मंदिरों को साफ कर वहां मां दुर्गा को नई पोशाकें पहनाई गई हैं। नवरात्र और रमजान एक साथ होने के कारण प्रशासन व पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा को लेकर इंतजाम कर दिए हैं।
शहर के सबसे प्राचीन श्री दुर्गा देवी मंदिर में नवरात्रि पर्व की तैयारियां पूरी तरह कर ली गई हैं। शहर का एकमात्र मंदिर होने के कारण सैकड़ों भक्तों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है। मंदिर के प्रधान सुरेंद्र कौशिक ने बताया कि माता दुर्गा देवी का मंदिर लगभग 400 वर्षों से अधिक पुराना है, जो सभी लोगों की आस्था का केंद्र है। श्री दुर्गा देवी मां का मंदिर शहर की ऐतिहासिक किले की दीवार के बिल्कुल नजदीक है।
उन्होंने बताया कि नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने से मां भक्तों के दुख हरण कर लेती हैं। दुर्गा मां की कृपा भक्तों पर बनी रहती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से नवरात्र पर उपवास रखना अति महत्वपूर्ण माने गए हैं। मंदिर में सुबह शाम भक्तों का तांता लगा रहता है। प्राचीन देवी मां के मंदिर से हजारों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। नवरात्रों के दिनों में यहां पूरा माहौल भक्तिमय रहता है।
माता रानी सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। यहां प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मंदिर परिसर में नवरात्रि पर्व पर विशेष हवन यज्ञ का आयोजन समिति के सौजन्य से किया जाता है। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। - पंडित दयाचंद पुजारी