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Noida News: जिला अस्पताल में प्रसव के बाद परिजनों से मांगा वसूली का नेग

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जिला अस्पताल में प्रसव के बाद परिजनों से मांगा वसूली का नेग
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सोमवार को दो मरीजों ने सीएमएस से की शिकायत, 1100-1100 रुपये स्टाफ ने लिए
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला संयुक्त अस्पताल में प्रसव के बाद परिजनों से नेग के नाम पर वसूली चल रही है। शिकायतों के बाद अब सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने डिस्चार्ज से पहले सभी केस की परेड अपने कार्यालय में पूछताछ के लिए शुरू कराई है। सोमवार को जब परिजनों से बात की गई तो दो ने स्टाफ द्वारा 1100-1100 रुपये लिए जाने की बात कही। परिजनों का कहना है कि स्टाफ ने उनसे कहा कि जच्चा-बच्चा की इतनी सेवा की है। इसके बदले कुछ तो देकर जाना होगा।
सोमवार दोपहर को सीएमएस कार्यालय में स्त्री रोग विभाग के मैटरनिटी वार्ड से डिस्चार्ज हो रहे मरीजों के परिजनों को बुलाया गया। यहां उनसे अलग से बातचीत की गई, जिससे पता चल सके कि उन्होंने किसी को पैसा तो नहीं दिया। करीब 18 लोगों से पूछताछ हुई। इनमें से दो ने बताया कि उनसे वार्ड में पैसा लिया गया है। सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल का कहना है कि मैटरनिटी वार्ड से वसूली की शिकायतें मिल रही हैं। 500 रुपये से 2100 रुपये तक लिए जाते हैं। इस पर सख्ती की गई तो मरीजों को डराने की जानकारी भी सामने आई।
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स्टाफ का डर इतना, शिकायत भी नहीं कर रहे
मैटरनिटी वार्ड में वसूली का आलम यह है कि यहां रोजाना 20 से 25 प्रसव होते हैं। इनमें 500 से 2100 रुपये तक स्टाफ अलग-अलग केस में ले लेता है। यह पैसा पूरे स्टाफ में बंटता है। इस परंपरा को रोकने के लिए कई बार शासन भी अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दे चुका है लेकिन इसे नहीं रोका जा सका। सोमवार को जो दो मामले जानकारी में आए, दोनों ने लिखित शिकायत करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि इन्हीं नर्स और दूसरे स्टाफ को बाद में भी दिखाना है। ऐसे में अगर जच्चा-बच्चा के साथ गलत हो गया तो मुश्किल हो जाएगी।
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