नगीना। गांव सांठावाड़ी में दो पक्षों के बीच दो साल पहले हुए झगड़े में पीड़ित परिवार को आज तक न्याय नहीं मिला है, जबकि एक घायल रफीक की मामले में मौत हो चुकी है। अभी भी मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बरकरार है। हाल ही में फिरोजपुर झिरका के उपमंडल अधिकारी को गांव सांठावाड़ी निवासी मुबारिक ने एक शिकायत दी है, जिसमें जिला नागरिक अस्पताल के डॉक्टर पर 95 हजार रुपये लेकर झूठी रिपोर्ट बनाने का आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज नल्हड़ में हुए सीटी स्कैन में दिखाए गए फ्रैक्चर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आरोप है कि चोट नहीं होने के बावजूद रिपोर्ट में फ्रैक्चर दिखाया गया है। ऐसे में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सवालों के घेरे में है। अमर उजाला से बातचीत में पीड़ित मुबारिक ने बताया कि मुख्यमंत्री, जिला उपायुक्त और उप मंडल अधिकारी को शिकायत देकर दोबारा से सीटी स्कैन कराकर मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाए और केस में से 307 की धारा को निरस्त किया जाए। उन्होंने बताया कि दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन बगैर चोट के सीटी स्कैन में ऐसी संगीन धारा जोड़ देना, जिसमें 10 साल तक सजा का प्रावधान है वो सरासर नाइंसाफी है, जबकि मेरे भाई रफीक की झगड़े में चोट लगने के बाद मौत हो चुकी है अभी तक पुलिस ने वह धारा केस में नहीं जोड़ी है। जब भी नगीना पुलिस थाने के जांच अधिकारी और एसएचओ से मिला तो वह यही कहते हैं कि अभी तक हमारे पास मधुबन से सीएफएसएल रिपोर्ट नहीं आई है। हमारे साथ अन्याय हो रहा है और पुलिस प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारी दबंग लोगों से मिले हुए हैं। इस अन्याय के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र भेजने की तैयारी कर ली है।
जिला नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सीटी स्कैन के आधार पर चिकित्सक ने अपनी राय दी थी, यदि पीड़ित परिवार को रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है तो दोबारा सीटी स्कैन करा कर मेडिकल बोर्ड से राय दी जाएगी। जिला पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि इस मामले में संबंधित जांच अधिकारी और डीएसपी फिरोजपुर झिरका को सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। दोबारा सीटी स्कैन के लिए पीड़ित परिवार ने अर्जी दी है जिसकी रिपोर्ट जल्द सामने होगी। पीड़ित परिवार को घबराने और डरने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस प्रशासन उनके साथ है उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा। किसी पक्ष के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।