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भूखे-प्यासे 10 से 15 किमी पैदल सफर करने के बाद स्वदेश लौटे 9 विद्यार्थी

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यूक्रेन से लौटे छात्रों के साथ बीजेपी कार्यकर्ता - फोटो : Mewat
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पुन्हाना। भूखे-प्यासे 10 से 15 किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय करने और यूक्रेन दूतावास की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिलने के बावजूद पुन्हाना विधानसभा क्षेत्र के 13 में से 9 छात्र-छात्राएं सकुशल घर लौट आए हैं। ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से पुन्हाना स्थित अपने-अपने गांव लौटे छात्रों का अभिनंदन समारोह सोमवार को भाजपा नेता एवं हरियाणा गोसेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन भानीराम मंगला की अध्यक्षता में उनके निवास स्थान पर आयोजित किया गया। भाजपा नेताओं ने सोमवार को छात्र-छात्राओं का फूलमालाओं से स्वागत किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने यूक्रेन दूतावास की जमकर खामियां गिनाईं और बताया कि यूक्रेन दूतावास की तरफ से कोई सहयोग न मिलने और समय पर सूचना ने देने के कारण उन्हें 10 से 15 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा।
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पुन्हाना निवासी रिहान ने बताया कि भारतीय दूतावास की तरफ से उन्हें समय पर यूनिवर्सिटी छोड़ने की एडवाइजरी जारी नहीं की गई। इसी वजह से उनका 23 फरवरी का फ्लाइट टिकट भी रद्द हो गया। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास ने यूक्रेन के अंदर किसी प्रकार की कोई मदद नही की। बॉर्डर पार करने के बाद ही पोलैंड स्थित भारतीय दूतावास की मदद मिली। चारू अग्रवाल ने बताया कि जैसे ही उन्हें हमला होने की सूचना मिली तो वह अपना बैग लेकर भारतीय दूतावास पहुंची और वहां उन्हें एक बंकर के अंदर छिपा दिया गया। यहां पर करीब 400 भारतीयों को एक साथ रखा गया था। कीव से भारतीय दूतावास पहुंचने के लिए उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। टैक्सी के किराये और खाने पीने व उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें खुद ही उठानी पड़ी। यूक्रेन दूतावास की तरफ से भी कोई मदद नहीं की गई। उसे करीब 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। जब वह हंगरी पहुंची तो भारतीय दूतावास ने उन्हें हर सुविधा उपलब्ध कराई।
वहीं, पूर्व गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने छात्रों से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय बच्चों को वापस लाने के लिए अपने 4-4 मंत्री विदेश भेजे हुए थे। प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति से बात करके यूक्रेन में चल रहे युद्ध को भी कुछ समय के लिए रुकवा दिया था, ताकि उनके बच्चे सुरक्षित यूक्रेन से निकल सकें। इसके साथ मंगला ने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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गंगा ऑपरेशन की छात्रों ने की तारीफ
छात्र आशिक अली, रिहान खान, वाजिद खान, अकरम, आदिल खान, वसीम अहमद ने भारत के गंगा ऑपरेशन की जमकर तारीफ की और कहा कि भले ही यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कोई मदद नहीं की। लेकिन, हंगरी और पोलैंड में भारतीय दूतावासों ने बॉर्डर पर छात्रों की खूब मदद की। उन्हें खाना खिलाने, ठहरने और बस की मुफ्त सहायता मुहैया कराई। वहीं केंद्र सरकार के गंगा ऑपरेशन के तहत उन्हें भारत तक मुफ्त लाया गया।
स्वदेश में ही पाठ्यक्रम पूरा कराने की मांग
अभिनंदन समारोह के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार से देश में ही और मेडिकल कॉलेजों को मान्यता देकर सीटें बढ़वाने की मांग की। साथ ही स्वदेश में ही कोर्स पूरा कराने की बात कही। इस मौके पर भाजपा नेता और पूर्व हज कमेटी चेयरमैन औरंगजेब, नरेंद्र तिवारी जुबैर पार्षद, सुभाष भारद्वाज, संजय वर्मा, कमल प्रकाश सैनी सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
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