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ग्रेनो वेस्ट में बनेगा 80 एमएलडी क्षमता का एसटीपी

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ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण ने ग्रेनो वेस्ट में 80 मिलियन लीटर डेली (एमएलडी) क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने का फैसला लिया है, ताकि भविष्य में गांव, सेक्टर और कुछ सोसाइटियों के सीवरेज को शोधित किया जा सके। पहले चरण में एसटीपी की क्षमता 20 एमएलडी होगी। उसके बाद जरूरत के हिसाब से विस्तार होगा। अभी ग्रेनो वेस्ट में एसटीपी नहीं है। इससे गंदगी नाले में बहाई जा रही है और नदियां प्रदूषित हो रही हैं।
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 200 से अधिक सोसाइटियां विकसित हो रही हैं। अभी 60 से अधिक में लोगों ने रहना भी शुरू कर दिया है। इनके अलावा गांव और आवासीय सेक्टरों की आबादी भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में वहां पर एसटीपी की जरूरत पड़ेगी। वहां की ज्यादातर बड़ी सोसाइटियों में एसटीपी बने हैं, लेकिन कुछ सोसाइटी, सेक्टर, उद्योग, शिक्षण संस्थान और गांवों में इंतजाम नहीं हैं।
इसी कारण सीईओ नरेंद्र भूषण ने जल सीवर विभाग को ग्रेनो वेस्ट में एसटीपी लगाने के निर्देश दिए। सीईओ ने बताया कि टेंडर जल्द जारी कर दिया जाएगा। इसे बनाने में करीब 60 करोड़ का खर्च आएगा। एसटीपी को चार चरण में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनेगा। उसके बाद जरूरत के हिसाब से विस्तार होगा। अलग-अलग चरण में इसके निर्माण से बिजली की बचत होगी। रखरखाव का खर्च भी कम आएगा। एसटीपी के पानी का इस्तेमाल पेड़ पौधे और पार्कों में किया जाएगा। निर्माणाधीन साइट के लिए भी पानी लिया जा सकेगा।
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अभी चार प्लांट हैं संचालित
इस समय ग्रेटर नोएडा में चार एसटीपी चल रहे हैं। कासना में 137 एमएलडी के एसटीपी से सीवर को शोधित किया जा रहा है। बादलपुर में दो एमएलडी क्षमता का एसटीपी है। ईकोटेक टू में 15 एमएलडी व ईकोटेक थ्री में 20 एमएलडी का सीवर को ट्रीट किया जा रहा है। इन एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई व निर्माण कार्यों में किया जा रहा है।
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