जेवर। ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय नोएडा एयरपोर्ट के निर्माण के दूसरे चरण में अधिगृहीत की जाने वाली जमीन व परिवारों को लेकर सामाजिक समाघात सर्वे की रिपोर्ट पूरी कर ली गई है। शासन द्वारा नामित एजेंसी ने प्रभावित होने वाले 6830 परिवारों में से 5063 को विस्थापित करने की रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट पर शासन एक नवंबर से जेवर के प्रभावित छह गांवों में पहुंचकर लोक सुनवाई करेगा।
पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार के तहत धारा 5 एवं नियमावली 2016 के नियम 7 के तहत सामाजिक समाघात निर्धारण रिपोर्ट पर एक से 11 नवंबर तक सुनवाई की जाएगी। इसमें मिलीं शिकायतों के निस्तारण के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शासन द्वारा सामाजिक समाघात प्रबंधन योजना के लिए नामित एजेंसी गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय ने एयरपोर्ट के दूसरे चरण के लिए जेवर के छह गांवों की 1310 हेक्टयर जमीन अधिग्रहण करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसमें मुढरह की 53.18, बीरमपुर की 59.66, कुरैब की 351.86, करोली बांगर की 173.75, दयानतपुर की 150.64 व रन्हेरा की 521.39 हेक्टेयर जमीन के अलावा ग्राम समाज की 125 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जाएगी। सर्वे टीम के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि दूसरे चरण में कुल 1367 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें से 1185 हेक्टेयर जमीन किसानों की है। 57 हेक्टेयर जमीन यमुना विकास प्राधिकरण पहले ही किसानों से ले चुकी है। 125 हेक्टेयर भूमि सरकारी व आबादी की है।
यहां होगी लोक सुनवाई
एक नवंबर को सुबह 11 बजे सामुदायिक भवन मुढरह में लोक सुनवाई होगी। दो नवंबर को बीरमपुर के प्राथमिक विद्यालय, 8 नवंबर को कुरैब में प्राथमिक विद्यालय में सुनवाई होगी। वहीं, करोली बांगर के नगला करौली इंटर कॉलेज में होगी। 10 नवंबर को रन्हेरा की आदर्श इंटर कॉलेज व 11 नवंबर को दयानतपुर के सर्वहितकारी इंटर कालेज में लोक सुनवाई की जाएगी।