नोएडा एयरपोर्ट से गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, पूरे पश्चिमी यूपी के व्यापार और उद्योगों को उड़ान मिलेगी। साथ ही, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। वहीं, एयरपोर्ट के लिए देश में सबसे बेहतरीन ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी होगी। इसमें मेट्रो, पॉड टैक्सी के अलावा कई राज्यों को जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन से यात्रा की राह आसान होगी।
एयरपोर्ट से दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लोगों को भी बेहतर आवागमन का फायदा मिलेगा। पहले चरण की शुरुआत एक रनवे से होगी। निर्माण कंपनी को भूमि सौंप दी गई है। कंपनी ने एयरपोर्ट की भूमि पर समतलीकरण और चहारदिवारी का काम शुरू कर दिया है।
पहले चरण के लिए जिला प्रशासन ने छह गांवों की जमीन अधिगृहीत की है। इसमें रन्हेरा, रोही, पारोही, दयानतपुर, किशोरपुर और बनवारीवास गांव शामिल हैं। जमीन अधिग्रहण नए कानून के तहत किया गया है। पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र में एयरपोर्ट बनने से जेवर, रबूपुरा, दनकौर, बुलंदशहर आदि शहरों में यमुना सिटी का विस्तार होगा। होटल, रेस्तरां, व्यापार, निर्माण क्षेत्र समेत अन्य उद्योग शुरू होने से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
दूसरे चरण में एयरपोर्ट परिचालन के साथ-साथ कार्गो की सुविधा मिलने से उद्योगों को सामान के आयात-निर्यात में फायदा मिलेगा। कनेक्टिविटी के लिए ग्रेनो के नॉलेज पार्क-2 स्टेशन से एयरपोर्ट तक मेट्रो दौड़ाने की योजना है। पॉड टैक्सी की सुविधा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक मिलेगी। इसके अलावा बुलेट ट्रेन का दिल्ली के बाद दूसरा स्टेशन नोएडा एयरपोर्ट होगा।
पूरी योजना में छह रनवे बनेंगे
परियोजना में छह रनवे बनेंगे। इसमें चार यात्रियों के लिए होंगे। इसके अलावा दोनों तरफ एक-एक रनवे कार्गो के लिए होगा। यहां बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके अलावा सामान उतारने में भी आसानी होगी।