नोएडा (योगेश शर्मा)। कोरोना महामारी से जंग में सबसे आगे रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन लगवाने में पीछे हैं। प्रदेश स्तर पर लक्ष्य से अधिक टीके लगाने की उपलब्धि हासिल करने वाले गौतमबुद्ध नगर के 4 हजार से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगी है। साथ ही, 3 हजार से ज्यादा फ्रंट लाइन वर्क भी इससे वंचित हैं। पोर्टल से जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। टीकाकरण से छूटे कर्मियों की कुंडली खंगाली जा रही है। जिले को 15,89,815 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज देने का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य की तुलना में करीब 20 फीसदी अधिक यानी 19,06,436 डोज लग चुकी हैं। पहली डोज की तुलना में करीब 65 फीसदी यानी 12,56,382 लोगों का टीकाकरण रविवार शाम तक हो चुका है।
फरवरी तक जिले में टीकाकरण पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इस बीच कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामले और ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों के दूसरी डोज से वंचित रहने की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्करों को ही टीके लगने शुरू हुए थे। लगभग शत-प्रतिशत को दोनों डोज लग चुकी हैं। पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर ऐसे लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है, जिनको दूसरी डोज से वंचित दिखाया जा रहा है। अधिकांश लोगों के डाटा में पहली और दूसरी डोज के दौरान नाम में गड़बड़ियां पाई गई हैं। मसलन, पहली डोज लेते हुए किसी ने नाम के आगे मिस्टर या मिसेज लिखवा रखा था, दूसरी डोज में केवल नाम था। साथ ही, कई लोगों के उपनाम जुड़े नहीं मिले हैं।
घर-घर दस्तक देकर हो रही पहचान
स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में वैक्सीन से वंचित लोगों की पहचान के लिए घर-घर दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें कई लोग मिल रहे हैं, जिन्होंने पहली या फिर दूसरी डोज नहीं ली है। ऐसे लोगों का डाटा एकत्रित कर आशा कार्यकर्ता टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रही हैं। 60 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 15 हजार लोग टीकाकरण से वंचित हैं।
लक्ष्य जल्द पूरा करना बड़ी चुनौती
रविवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार जनपद में 6.50 लाख से अधिक लोगों को दूसरी डोज लगनी बाकी है। फरवरी तक इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, दिसंबर में अचानक सुस्त पड़े टीकाकरण अभियान के बीच लक्ष्य को समय से पूरा करना चुनौती होगी। इस बीच बच्चों का टीकाकरण और दोनों डोज ले चुके व्यस्कों को बूस्टर डोज की मंजूरी मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।