नोएडा। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में टीका लगवाने की एवज में अवैध वसूली का एक और मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन ने स्टिंग कराने के बाद वसूली कर रहे एक कर्मचारी को पकड़ा। अस्पताल के हेल्प डेस्क पर तैनात आरोपी कर्मचारी की पहचान राशिद के रूप में हुई है। उसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से जिला अस्पताल में तैनात किया गया था।
कानपुर निवासी कपिल ने बताया कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के लिए पिछले कई दिनाें से जिला अस्पताल के चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार को टीका लगवाने के लिए टोकन भी ले लिया था। स्लॉट बुक नहीं होने के कारण स्टाफ ने टीका लगाने से इंकार कर दिया। कपिल हेल्प डेस्क पर पहुंचे, जहां मौजूद एक कर्मचारी ने स्लॉट बुक कराकर टीका लगाने की एवज में 400 रुपये मांगे। पीड़ित ने बताया कि आठ हजार रुपये उसका मासिक वेतन है। अगर पैसा देकर टीका लगवाना होता तो सरकारी अस्पताल में धक्के क्यों खाता।
पीड़ित ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुषमा चंद्रा से इसकी शिकायत की। सीएमएस ने उसे फिर से हेल्प डेस्क पर भेजा। इस दौरान अस्पताल के ही स्टाफ ने 200 रुपये वसूलते हुए कर्मचारी को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। पीड़ित की लिखित शिकायत के बाद सीएमएस ने सीएमओ को पत्र लिखकर आरोपी कर्मचारी को अस्पताल से हटाने के लिए कहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि आरोपी राशिद को एनएचएम के तहत सीएमओ कार्यालय से यहां तैनात किया गया है।
200 नकद दे दो, बाकी फोन-पे कर देना
पीड़ित ने हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारी से सिर्फ 250 रुपये होने की बात कही, तो आरोपी कर्मचारी ने कहा कि 200 रुपये दे दो बाकी बाद में फोन-पे कर देना। पीड़ित ने बताया कि टीकाकरण में धांधली करने वाला एक गिरोह काम कर रहा है, जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाता है।
पैसा वापस दिलाया, टीका भी लगवाया
अस्पताल प्रशासन ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश करने के बाद पीड़ित को पैसे वापस दिलाए। दो बजे के बाद पोर्टल खुलने पर उसका टीकाकरण भी कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि इस बीच आरोपी कर्मचारी शिकायत वापस लेने का दबाव बनाता रहा। आरोप है कि कर्मचारी ने डीएम ऑफिस में तैनात अपने किसी रिश्तेदार का जिक्र करते हुए कहा कि शिकायत का उस पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।
टीका लगा नहीं, बनवा दिया प्रमाण पत्र
जिला अस्पताल में टीकाकरण में धांधली का एक अन्य मामला दो दिन पहले सामने आया था। जिसमें 102 सेवा पर तैनात एक कर्मचारी की शिकायत मिली थी। उसने इटावा के एक व्यक्ति का बिना टीकाकरण हुए ही नोएडा के जिला अस्पताल से टीकाकरण प्रमाण पत्र बनवा दिया था। इस कर्मचारी को हटाने के लिए भी सीएमओ को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। कुछ दिन पहले ही 300-300 रुपये वसूलकर टीका लगवाने वाले एक आया और एक वार्ड बॉय की सेवा समाप्त की गई थी। इससे पहले जुलाई में एक फॉर्मासिस्ट को पैसे लेकर टीकाकरण कराने की शिकायत पर हटाया गया था।