एनडीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट किया पास
विकसित भारत2047 का लक्ष्य हासिल करने पर जोर
बदलेंगी सभी सीवर लाइनें, बजट में विशेष प्रावधान
नई दिल्ली। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने विकसित भारत2047 की दिशा में कदम बढ़ाया है। आजादी के 100 साल पूरे होने पर नई दिल्ली इलाके का पूरी तरह कायाकल्प होगा। बुधवार को पेश वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में इस लक्ष्य हासिल करने की पहल भी हुई है। नई दिल्ली की सभी सीवर लाइनें अगले पांच साल में बदल दी जाएंगी। नौवीं व 11वीं के बच्चों को टैबलेट दिए जाएंगे। वहीं, 24 घंटे निर्बाध बिजली-पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सड़कों को बेहतर करने के साथ साज-सज्जा व आबोहवा साफ रखने पर भी खर्च करने का प्रावधान किया गया है। एनडीएमसी की बैठक में बजट पर मुहर लगा दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि बजट में 5069.63 करोेड़ रुपये की आय व 4829.36 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। सबसे अधिक आवंटन बिजली व्यवस्था बेहतर करने पर है। इस पर एक साल में करीब 1,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद शिक्षा व पानी में खर्च होगा। शिक्षा पर एनडीएमसी 285 करोड़ व पानी पर 256 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस बार 9वीं व 11वीं के बच्चों को भी टैबलेट मिलेगा। अभी तक यह सुविधा 10वीं व 12वीं के बच्चों के लिए थी। साथ ही, स्कूलों में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं, सीवर बदलने के लिए करीब 556 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिलेंगे।
एनडीएमसी के अध्यक्ष अमित यादव ने बताया कि हरियाली बढ़ाकर प्रदूषण से निपटा जाएगा। स्मॉग गन एवं मैकेनिकल रोड स्वीपरों की संख्या बढ़ेगी। चरणबद्ध तरीके से ई-वाहनों का उपयोग बढ़ाने के लिए चार्जिंग प्वाइंट समेत दूसरी बुनियादी सुविधाओं में इजाफा होगा। कर्मचारियों के आने-जाने के लिए ई-स्कूटर दिए जाएंगे। सड़कों के लिए वन डे, वन रोड मुहिम चलेगी। इसमें एक दिन में एक सड़क को ठीक किया जाएगा। पर्यावरण में सौंदर्यीकरण को बढ़ाने के लिए तीन लाख ट्यूलिप बल्ब खरीदे जाएंगे और ट्यूलिप उत्सव आयोजित किया जाएगा। आरडब्ल्यूए और एमटीए के लिए 10 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।