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तो क्या तांत्रिक के डर से मासूमों के शव को नोएडा में नहीं मिलेगी दो गज जमीन  

Tue, 21 Apr 2020 07:09 AM IST
पूजा त्रिपाठी लाल सिंह, अमर उजाला, नोएडा

सार

- दो साल की बच्ची के शव को नहीं मिली दो गज जमीन प्रकाशित होने के बाद सांसद व विधायक से शिकायत
- फोनरवा ने उठाया बेड़ा लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्राधिकरण से दिलाएंगे जमीन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नोएडा सेक्टर-23 के निवासियों के लिए ये सप्ताह बहुत दर्द भरा रहा। शुक्रवार को 2 साल की बच्ची की मौत हो गई और मृत बच्ची की अंत्येष्टि के लिए परिजन अंतिम निवास सेक्टर- 94 गए तो वहा पता चला कि हिन्दू बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

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परिवार भटकता रहा और गुहार लगाता रहा पर उस बच्ची को नोएडा में दो गज जमीन नहीं मिल पाई। ये दर्द और पीड़ा उस बच्ची के परिजनों के अलावा उन सभी लोगों के अंदर है जिन्होंने उसे अपनी गोद मे खिलाया।

जबकि नोएडा अथॉरिटी के द्वारा अंतिम निवास के संचालन के लिए लोकमंच को उत्तरदायित्व दिया गया है। पर वहां इनकी कोई मदद नहीं की गई। सेक्टर- 23 के निवासियों ने बहुत कोशिश की पर कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ।
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महेश सक्सेना ने लोगों से सीधे कह दिया कि एक साल से ऊपर के बच्चों के लिए कोई जगह नहीं है। लोकमंच के मीडिया प्रभारी से बात करने पर पता चला कि हम यहां बच्चों को इसलिए नहीं दफनाने  देते कि तांत्रिक आकर उनका सर ले जाते हैं।

तो क्या नोएडा में बच्चों को दफनाने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाएगी। इस बात को लेकर लोगों में बहुत गुस्सा है। सोमवार को निवासियों ने सांसद महेश शर्मा और विधायक पंकज सिंह को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की।

सेक्टर के अध्यक्ष मनोज चौधरी ने बताया कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होगी और मासूमों के शव के लिए नोएडा में कोई जगह निर्धारित नहीं होगी, तब तक हम यह लड़ाई जारी रखेंगे।

इसके अलावा फोनरवा की तरफ से भी बयान जारी किया गया है कि जैसे ही लॉकडाउन खत्म होगा हम पूरी टीम के साथ जिम्मेदार लोगों से मिलकर इसके लिए जगह की व्यवस्था करवाएंगे। इस काम के लिए कई सेक्टरों के आरडब्ल्यूए और कई संस्थाएं सामने आ रहे हैं  लोगों ने अमर उजाला का धन्यवाद दिया जिसने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।

लोकमंच को अंतिम निवास का प्रबंध प्राधिकरण ने लोगों की भलाई के लिए दिया है लेकिन जिस संस्था में कई सालों से चुनाव नहीं हुआ, जिस पर अनियमितता का आरोप है तो वह कैसे ईमानदारी से अपना काम करेगी। इसके लिए अन्य संस्थाओं व बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा।- डॉ डीके शर्मा पूर्व महासचिव सेक्टर-23  

प्राधिकरण को इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेना चाहिए इसके लिए शीघ्र जगह चिन्हित करनी चाहिए।-अनिल सिंह चेयरमैन सद्भावना सेवा संस्थान नोएडा

हिंदू धर्म के रीति रिवाज के हिसाब से बच्चों की अंत्योष्टि की व्यवस्था होनी चाहिए लॉकडाउन खत्म होने के तुरंत बाद फोनरवा की टीम प्राधिकरण से मांग करेगी कि जल्दी से जल्दी जमीन दे।-योगेंद्र शर्मा फोनरवा अध्यक्ष।

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