एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की ठीक तरह से देखभाल न किए जाने पर चिंता जताते हुए परिजनों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मदद की गुहार लगाई। परिजनों का कहना है कि निजी अस्पताल से उन्हें एलएनजेपी भेज दिया गया, लेकिन शुगर और हाइपरटेंशन के मरीज होने के बावजूद कोविड पॉजिटिव को न तो समय पर खाना मिला और नौ घंटे के इंतजार के बाद भी क्वारंटीन में नहीं भेजा गया।
इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आम आदमी पार्टी के तिमारपुर विधायक दिलीप पांडेय ने एलएनजेपी में कोविड वार्ड के डॉक्टरों से बातचीत के बाद उन्हें तत्काल सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। डॉक्टरों ने भरोसा देते हुए कहा कि मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सोशल मीडिया का लिया सहारा, अलग कमरा दिया
जहांगीरपुरी में रहने वाले कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पुत्री प्रतिभा ने बताया कि उनके पिता 16 अप्रैल की रात दो बजे दो मिनट के लिए बेहोश हो गए थे। उन्हें शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। जांच में उनमें कोरोना के संक्रमण मिले तो उन्हें एलएनजेपी शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन वहां न तो समय से खाना दिया गया और न ही उनकी ठीक तरह से देखरेख की गई।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की, जिसमें अपना दर्द बयां किया। सीएम को ट्वीट भी किया गया। प्रतिभा की मां ने भी वीडियो में बताया कि दो दिनों से उन्हें एक बार भी किसी डॉक्टर ने नहीं देखा। नरेला सेंटर में क्वारंटीन में भेजने के लिए नौ घंटे के इंतजार के बाद दोबारा अस्पताल भेज दिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें अलग से कमरा दे दिया गया और पीड़ितों ने संतोष जाहिर किया।