बायर्स और सुपरटेक के बाद अब नोएडा प्राधिकरण ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। याचिका में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
बिल्डर और प्राधिकरण की तरफ से दायर याचिका कीसुनवाई की अगली तारीख नहीं तय हुई है, मगर पांच मई को एपेक्स और सियान टावर के बायर्स की तरफ से दायर हुई याचिका पर सुनवाई है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इसी तारीख पर इससे जुड़े सभी पक्षों की सुनवाई हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दायर प्राधिकरण की याचिका में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की अपील की गई है। हालांकि प्राधिकरण के अधिकारी कोर्ट का मामला बताकर इस पर कुछ बोलना नहीं चाह रहे।
गौरतलब है कि सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के निवासियों की याचिका पर 11 अप्रैल 2014 को हाईकोर्ट ने सेक्टर 93ए स्थित एपेक्स और सियान टावर को गिराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर जवाब दाखिल करने के लिए तीन माह का वक्त दिया है।
एक की सुविधाओं की जमीन पर दो हाउसिंग टावर खड़े करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। खरीदारों ने इसको लेकर बिल्डर के खिलाफ हंगामा किया था। बाद में दबाव पड़ने पर बिल्डर ने खरीदारों से लिखित में समझौता किया था। जिसमें तीन विकल्प दिए गए।
खरीदार चाहें तो कोर्ट के आदेश के मुताबिक 14 फीसदी ब्याज सहित पैसा वापस ले सकते हैं। दूसरा है कि बिल्डर के किसी दूसरे प्रोजेक्ट में फ्लैट और तीसरा विकल्प दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार किया जाएगा। तीनों में से एक विकल्प चुनने के लिए पहले बिल्डर ने 30 अप्रैल तक का समय दिया था लेकिन खरीदारों ने जब कम समय बताया तो 30 मई तक का समय बिल्डर ने बढ़ा दिया है।