कोहरे के सामने तकनीकी उपकरण भी विफल साबित हो रहे हैं। घने कोहरे को ध्यान में रख कर एयरपोर्ट और ट्रेनों को विशेष तकनीक से लैस किया गया है, बावजूद इसके धुंध के कारण विमान और रेल सेवा लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
घने कोहरे को ध्यान में रख इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस किया गया है। लो विजिबिलिटी प्रोसीजर के तहत कृत्रिम दृश्यता रनवे संख्या 10/28 और 11/29 पर उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन ये उपकरण भी धुंध के सामने बौने साबित हो रहे हैं।
पिछले साल जहां 50 मीटर की दृश्यता में भी विमानों का संचालन करने की इजाजत थी तो इस साल इसे बढ़ाकर 75 मीटर कर दिया गया है। 75 मीटर से कम दृश्यता की स्थिति में रनवे से विमानों का संचालन बंद कर दिया जा रहा है। हालांकि इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम में कैट स्तर के ट्रेंड पायलट विमानों का संचालन कर रहे हैं।
कोहरे से फाइट के लिए रेलवे ने भी जीपीआरएस से लैस फॉग सेफ डिवाइस का इजाद किया है। दिल्ली मंडल की ट्रेन के लिए 340 उपकरणों से रेल का इंजन लैस किया गया है।
बावजूद इसके धुंध के सामने ये उपकरण भी विफल साबित हो रहे हैं। इन दिनों लगतार धुंध के कारण सौ से अधिक ट्रेन घंटों लेट चल रही हैं तो दो दर्जन ट्रेन अपने निर्धारित समय पर नहीं चल पा रही हैं।