यश के चाचा संजय गुप्ता ने बताया कि हादसे की खबर आने के बाद परिजनों के अलावा मोहल्ले के करीब 40 से 50 लोग हरिद्वार पहुंचे हुए हैं। अमन का शव रविवार को ही बरामद हो गया था। सोमवार को औपचारिताएं पूरी करने के बाद देर शाम शव लेकर परिवार दिल्ली लौट आया। वहीं प्रियांशु और यश की तलाश जारी रही। दोपहर के बाद प्रियांशु का शव भी बरामद हो गया। लेकिन यश का सुराग नहीं मिला।
यश के बड़े भाई प्रतीक ने बताया कि सोमवार को हरिद्वार में घटना स्थल के पास घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद विनीत को पानी से निकालने के अलावा एक अन्य युवक को भी डूबने से बचाया गया था। पेट में पानी भरने की वजह से वह अचेत हो गया था, इसलिए उसे अस्पताल भेज दिया गया था। उस लड़के के यश होने की संभावना जताई जा रही है। इस बात को सुनने के बाद परिवार को उसके जिंदा होने की आस बंधी है। इस बात का जब यश की मां दीपाली को पता चला तो वह रो-रोकर भगवान से अपने बेटे सही-सलामत होने की दुआएं मांगने लगी।
मानसरोवर पार्क में अमन के घर पर तो दिनभर ताला लटका रहा, लेकिन यश और प्रियांशु के घर के बाहर परिजनों व पड़ोसियों की भीड़ जुटी रही। बता दें कि शनिवार शाम को मानसरोवर पार्क इलाके से चार दोस्त अमन, यश गुप्ता, प्रियांशु श्रीवास्तव और विनीत उर्फ विन्नी बाइक व स्कूटी से कांवड़ लेने हरिद्वार गए थे। रविवार को गंगा में नहाने के दौरान गहरे पानी में पैर फिसलने से चारों डूबने लगे। विनीत को तो लोगों ने निकाल लिया। लेकिन बाकी तीनों युवक डूब गए। अमन का शव रविवार को ही बरामद हो गया था, लेकिन प्रियांशु और यश का सुराग नहीं लगा था। सोमवार को प्रियांशु का भी शव गंगा से मिल गया। अभी यश का पता नहीं चला है। उसके परिजन हरिद्वार में मौजूद हैं।