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श्रीश्री के कार्यक्रम में नहीं आएंगे राष्ट्रपति, अब प्रधानमंत्री का आना भी मुश्किल

Wed, 09 Mar 2016 12:42 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल की तैयारी
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दिल्ली में यमुना किनारे होने वाले श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर आज की सुनवाई पूरी हो गई है। एनजीटी ने जल संसाधन मंत्रालय से कल तीन सवालों के जवाब मांगे हैं।
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इससे पहले आज की सुनवाई में एनजीटी ने मंत्रालय से पूछा कि क्या इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले इसके असर को लेकर कोई भी अध्ययन किया गया था?

इस बीच कार्यक्रम के आयोजक श्री रविशंकर ने कहा कि उन्होंने किसी नियम को नहीं तोड़ा है बल्कि, वो इस कार्यक्रम के साथ यमुना को साफ करने की कोशिश कर रहै हैं।

इससे पहले आज ही दिल्ली सरकार ने एनजीटी को बताया कि इस कार्यक्रम को दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं है। बता दें कि इस कार्यक्रम के विवाद में आने के बाद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का इस कार्यक्रम में आना रद्द हो गया है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में आएंगे या नहीं इस पर भी फिलहाल संशय कायम है।
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इस बीच गृह मंत्रालय ने इस दिल्ली पुलिस को इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का आदेश दिया है। मंत्रालय का स्पष्ट आदेश है कि इस कार्यक्रम में कई वीवीआईपी शामिल होने वाले हैं इसलिए इसकी सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए जाने चाहिए।

मंत्रालय को इस कार्यक्रम पर आतंकी हमला होने की भी आशंका है जिसे ध्यान में रखते हुए पहले से ही यहां सीआरपीएफ सहित एसपीजी को लगाया गया है।

क्यों हो रहा है ये कार्यक्रम

आतंकी हमले के भी इनपुट्स

गौरतलब है कि आर्ट ऑफ लिविंग के 35 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यमुना किनारे तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

पर्यावरणीय नुकसान की आशंका के मद्देनजर कुछ लोग इस कार्यक्रम को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। 3 मार्च को डीडीए कह चुका है कि उसने इस कार्यक्रम के लिए सशर्त अनुमति दी थी, लेकिन उसे इसका अंदाजा नहीं था कि यह आयोजन इतने बड़े पैमाने पर होने वाला है।

इससे पहले श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारियों में सेना को लगाया गया है। फिलहाल सेना कार्यक्रम स्थल पर पंटून पुल बना रही है।

उत्तरी व पूर्वी दिल्ली को कार्यक्रम स्थल से जोड़ने के लिए कुल पांच पंटून पुल बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम के मंच की सुरक्षा में एसपीजी को लगाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई चर्चित हस्तियां इस आयोजन में शिरकत करेंगी।

कार्यक्रम के लिए अलग से एक पुलिस पोस्ट बनाई गई है। सेना के पास कम समय में अच्छे पंटून पुल बनाने की क्षमता है। इसे देखते हुए वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम में कम समय में मजबूत पुल बनाने के लिए सेना को लगाया गया है।
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35 लाख लोगों के आने की संभावना

सेना की एक कंपनी 24 घंटे तैनात
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में आतंकी हमले के इनपुट्स के चलते सेना को वैश्विक सांस्कृतिक कार्यक्रम की सुरक्षा में लगाया जा सकता है। इस संबंध में सुरक्षा एजेंसियों में बात चल रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंच की सुरक्षा की जिम्मेदारी एनएसजी को दी गई है। कार्यक्रम में 35 लाख से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है।

इसे देखते हुए कार्यक्रम स्थल पर ही एक पुलिस पोस्ट बनाई गई है। इस पोस्ट का प्रभारी सब इंस्पेक्टर को बनाया गया है। हर तरह की शिकायत इसी पुलिस पोस्ट में दर्ज होगी।

कार्यक्रम की सुरक्षा में सीआरपीएफ को लगाया गया है। सीआरपीएफ की एक कंपनी 24 घंटे तैनात रहती है, जिसमें करीब 63 जवान होतेे हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की सिक्योरिटी, पीएम सेल को भी सुरक्षा में लगाया गया है। कार्यक्रम में जाने के लिए गेट इस तरह बनाए गए हैं कि जाने वाले को कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।
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