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NGT: सभी राज्यों में अगले आदेश तक पीसीबी की नियुक्तियों पर रोक

Tue, 15 Mar 2016 06:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनजीटी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने देश के सभी राज्यों के संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) में चेयरमैन और मेंबर सेक्रेट्री (सदस्य सचिव) की नियुक्तियों पर अगले आदेश तक रोक लगाने का मौखिक आदेश दिया है।
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ग्रीन पैनल ने विभिन्न प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में सदस्य सचिवों और चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर हैरानी जताते हुए कहा कि बिना एकरूप मानदंड के यह नियुक्तियां कैसे हुई हैं। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को राजेंद्र सिंह भंडारी के मामले पर सुनवाई की। इस दौरान सभी राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वकील मौजूद थे।

बेंच ने ए टू जेड अक्षरों के मुताबिक सभी राज्यों से पूछताछ शुरू की। हालांकि सुनवाई के दौरान आंध्र प्रदेश और असम व गोवा ने ही जवाब दिया। संबंधित राज्य के पीसीबी से जुड़े वकीलों ने अपने-अपने बोर्ड के चेयरमैन और सदस्य सचिवों की शैक्षणिक योग्यता के साथ पर्यावरण के क्षेत्र में अर्जित ज्ञान को बताया।
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इसलिए लगाई गई है रोक

एनजीटी
ज्यादातर चेयरमैन व सदस्य सचिवों के पास पर्यावरण के क्षेत्र में अर्जित विशेष ज्ञान नहीं था। इस पर बेंच ने वकीलों से पूछा कि आप कहते हैं कि यह सारी नियुक्तियां पर्यावरण के क्षेत्र में अर्जित विशेष ज्ञान और व्यावहारिक अनुभवों की जानकारी लेने के बाद की गई हैं। जबकि ऐसा दिखाई नहीं दे रहा।

एडवोकेट राजेंद्र सिंह भंडारी ने एनजीटी में याचिका दाखिल कर विभिन्न राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में चेयरमैन, सदस्य सचिव व सदस्य की नियुक्तियों को लेकर नियम व मानकों को चुनौती दी थी।

याची का दावा था कि इन सभी पदों पर नियुक्तियों में पर्यावरण के क्षेत्र में अर्जित विशेष ज्ञान भी योग्यता का पैमाना है। ऐसे में नियुक्तियों के दौरान इस योग्यता के पैमाने को नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि बोर्ड का काम विभिन्न तरह के पर्यावरणीय मामलों में अनुमति देना और नियामक शासन को स्थापित करना है।
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