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प्रदूषण जांच के लिए एनजीटी की टीम गठित, अतिक्रमण पर भी देगी रिपोर्ट

Tue, 15 Mar 2016 06:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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एनजीटी
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित कौशांबी अपार्टमेंट और आनंद विहार के आवासीय इलाके में वायु गुणवत्ता जांच के साथ ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
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इस कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बेंच ने अपने निर्देश में कहा कि कमेटी संबंधित जगहों पर जाकर जांच करेगी।

वायु गुणवत्ता के नमूनों का विश्लेषण कर कमेटी तीन हफ्तों के भीतर ट्रिब्यूनल के समक्ष रिपोर्ट पेश करेगी। बेंच ने यह भी कहा है कि कमेटी अपनी रिपोर्ट में प्रदूषण के स्रोतों को भी स्पष्ट करें। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (कारवां) द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया है। एसोसिएशन की ओर से आरडब्ल्यूए वीयू मित्तल पेश हुए। 
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ट्रैफिक व्यवधान को लेकर भी कमेटी अपनी रिपोर्ट दे

एनजीटी
बेंच ने सड़कों पर अवैध तरीके से लगने वाले जाम व अन्य कारणों से ट्रैफिक व्यवधान को लेकर भी कमेटी अपनी रिपोर्ट दे। जांच के दौरान यह भी पता किया जाए कि इनसे पर्यावरण को किस तरह नुकसान हो रहा है। बेंच ने कमेटी को अवकाश व कार्य वाले दोनों दिन को जांच का निर्देश दिया है।

सुनवाई के दौरान मित्तल द्वारा कहा गया कि आवासीय इलाके के नजदीक आनंद विहार आईएसबीटी और कौशांबी यूपीआरसीटीसी बस स्टैंड हैं। इससे आसपास के इलाके में जबरदस्त वायु प्रदूषण हो रहा है। वहीं आवासीय इलाके से कुछ ही दूरी पर मौजूद साहिबाबाद और पटपड़गंज इंडस्ट्रियल इलाके से प्रदूषण पर भी रोकथाम की मांग की गई।

कौशांबी आरडब्ल्यूए द्वारा कहा गया कि अवैध पार्किंग से कौशांबी आवासीय इलाके से जुड़ी सड़कों पर हमेशा ट्रैफिक जाम भी रहता है। आदेश के बावजूद इलाके में निजी डीजल वाहन घूमते हैं। जबकि पुलिस-प्रशासन इस मामले पर कुछ नहीं करता।

कारवां के मुताबिक निगम कौशांबी बस अड्डे से उड़ने वाली खतरनाक धूल पर नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं कर रहा है जिससे आस-पास के इलाके में लोगों का सांस लेना मुश्किल है।
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