आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन शर्मा कांड में पुलिस के हाथ एक नया सुबूत लगा है, जिससे एक बार फिर इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
अपनी मौत की झूठी घटना को अंजाम देने से छह महीने पहले ही चंद्रमोहन ने अपनी प्रेमिका प्रीति से दादरी के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी।
अपना और पिता का नाम सही लिखाया लेकिन पता गलत था। चंद्रमोहन ने खुद को दिल्ली निवासी बता कर शादी की थी। नाम-पते का आईडी प्रूफ न दे पाने के कारण मंदिर की ओर से इनकी शादी का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था।
दरअसल, दो मई, 2014 को अपनी मौत को अंजाम देने के बहाने से गायब हुए चंद्रमोहन की गिरफ्तारी हुई तो क्षेत्र ही नहीं प्रदेश के लोग भी हतप्रभ रह गए।
पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि चंद्रमोहन ने 28 नवंबर 2013 को दादरी के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली थी। शादी से पहले मंदिर में दोनो ने चंद्रमोहन और प्रीति के नाम से ही अपनी-अपनी पहचान कराई लेकिन उसने पता दिल्ली का लिखवाया था।
चंद्रमोहन से जब पुरोहित ने दस्तावेज मांगे तो कहा गया कि वह इस समय लेकर नहीं आया है लेकिन जल्द ही पहुंचा देगा, फिलहाल उसकी शादी करा दी जाए।