राजधानी दिल्ली के रानी झांसी रोड स्थित अनाज मंडी इलाके की एक बिल्डिंग में भीषण आग लग जाने के कारण अफरा-तफरी मच गई। सुबह करीब पांच बजे की इस घटना में 43 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 50 लोगों को बचाया लिया गया। हालांकि दमकल की 30 गाड़ियों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, लेकिन इससे पहले कि गाड़ियां वहां तक पहुंच पातीं, आग की लपटों ने बिल्डिंग को बुरी तरह से अपने चपेट में ले लिया था।
संकरी बिल्डिंग और पतली गलियों ने बढ़ाई परेशानी
जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह घनी आबादी वाले आवासीय इलाके में स्थित है। आसपास के घरों और इमारतों के बीच पर्याप्त जगह भी नहीं है। इसके साथ ही बिल्डिंग के अंदर काफी संकरी जगह है। आग छठी मंजिल में लगी थी, इसलिए लोगों को पहले तो पता नहीं चल पाया।
जबतक धुआं उठा और लोगों को समझ आया कि कहीं आग लगी है, तबतक बहुत देर हो चुकी थी। आग और धुआं चारों ओर फैल गया था। बिल्डिंग में इतनी खुली जगह नहीं थी कि लोग भाग पाएं, इसलिए जो लोग जहां थे वो वहीं फंस गए। लोगों के लिए अपने कमरे या मंजिल से बाहर आ पाना मुश्किल हो रहा था और धुआं लगातार बढ़ता जा रहा था।
इधर इलाके की गलियां इतनी पतली हैं कि दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस को आने का रास्ता ही नहीं मिल रहा था। जैसे-तैसे फायर ब्रिगेड की 30 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तबतक बिल्डिंग में फंसे कई लोगों का दम घुट चुका था और मदद के इंतजार में छटपटाते हुए उनकी मौत हो गई थी। मृतकों की संख्या 11 से शुरू होते हुए 43 तक पहुंच गईं।