नेटवर्किंग, डाटा ट्रांसफर व कोडिंग प्रोग्राम की सुविधा
विश्वविद्यालय की आईओटी लैब में छात्रों को नेटवर्किंग, सेंसर, क्लाउड कंप्यूटिंग, डाटा ट्रांसफर व कोडिंग प्रोग्राम की सुविधा मिलेगी। कृत्रिम बुद्धिमता की मदद से छात्र अपने उत्पादों को तकनीकी दक्षता प्रदान कर सकेंगे। इसके लिए लैब में छात्रों के लिए फैकल्टी मौजूद रहेगी। छात्र जो भी उत्पाद बनाएंगे, उन्हेे लैब की मदद से तकनीकी मदद मिलने के बाद उन्हें बाहरी किसी और लैब का रूख नहीं करना पड़ेगा।
दिसंबर तक नई सुविधा का परीक्षण होगा पूरा
विश्वविद्यालय में दोनों नई सुविधाओं के लिए सिंतबर-अक्तूबर तक उपकरणों को खरीद लिया जाएगा। उपकरण लगने के बाद दिसंबर तक इनका पूरा परीक्षण कर लिया जाएगा। वहीं, मार्च तक यह लैब छात्रों को समर्पित कर दी जाएंगी। ऐसे में आने वाले वाले शैक्षणिक सत्र में छात्र नई सुविधा का लैब उठा सकेंगे।
मुख्य कैंपस में 50 स्टार्टअप को मिलेगी सुविधा
विश्वविद्यालय के द्वारका स्थित मुख्य कैंपस में 50 स्टार्टअप को नई लैब की सुविधा मिलेगी। वहीं, पूर्वी कैंपस में 60 बच्चों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी। चूंकि, एक स्टार्टअप की टीम में चार से पांच छात्र शामिल होते हैं। ऐसे में 300 से अधिक छात्रों को नई सुविधा का लाभ मिल सकेगा।