फरीदाबाद में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए हरियाणा रोडवेज ने दो वर्ष पहले करोड़ों रुपये खर्च कर 150 सिटी बसें खरीदीं।
समय पर मरम्मत नहीं होने से करीब 60 बसें साल भर भी रूटों पर नहीं दौड़ पाईं। ऐसे में करोड़ों की बसें डिपो में खड़ी जंग खा रही हैं। कई बार चंडीगढ़ मुख्यालय में शिकायत के बाद भी इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया।
इसकी वजह से जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
नहीं बनाई गई वर्कशॉप
हरियाणा रोडवेज ने विभिन्न रूटों पर चलाने के लिए 45 एसी और 115 साधारण बसें खरीदीं थीं। एसी बसों के लिए सरकार ने करीब 36 करोड़ रुपये और साधारण बसों के लिए करीब 62 करोड़ रुपये खर्च किए। सवाल ये है कि इतनी बड़ी संख्या में बसों को खरीदने से पहले यहां वर्कशॉप क्यों नहीं बनाई गई। इसका किसी के पास जवाब नहीं है।
जनता उठा रही है परेशानी
बसों का संचालन नहीं होने से शहर के लोगों को परिवहन समस्या से जूझना पड़ रहा है। मुख्य मार्ग पर निकलने के लिए लोग रिक्शे का महंगा दाम भरते हैं। सेक्टर-29 आरडब्ल्यूए के सचिव सुबोध नागपाल ने बताया कि कई बार रोडवेज से मांग की गई, आश्वासन तो मिला मगर बसें नहीं चलीं। कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के चेयरमैन एनके गर्ग ने बताया कि बसों का रूट तक निर्धारित है। लोग इंतजार भी करते हैं मगर बसें नियमित नहीं आतीं।